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पेट दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन, अंदर कीलें, पेचकस, सरिया और रेती मिले
Sun, 04 Oct 2020 01:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 01:45 AM IST
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ऑपरेशन के बाद युवक के पेट से निकली लोहे की वस्तुएं
- फोटो : amar ujala
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उन्नाव के राजधानी मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम में पेट दर्द होने पर भर्ती युवक की पेट की जब जांच कराई गई तो चिकित्सकों के होश उड़ गए। पांच सदस्यीय चिकित्सीय टीम ने ढाई घंटे ऑपरेशन कर आमाशय में एकत्रित लोहे की कई लंबी कीलें, पेचकस, सरिया के छोटे-छोटे टुकड़े व रेती निकाली।
युवक ने बताया कि वह कब कील आदि खा लेता था, उसे पता ही नहीं। राजधानी मार्ग स्थित चंद्रकुसुम हास्पिटल के संचालक राधारमण अवस्थी ने बताया कि भटवा उन्नाव निवासी मरीज करन (20) पुत्र कमलेश अपनी मां कमला के साथ बीते दो दिन पहले हास्पिटल पहुंचा जहां परिजनों ने बताया कि बेटा मानसिक रूप से कुछ बीमार है।
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युवक ने बताया कि वह कब कील आदि खा लेता था, उसे पता ही नहीं। राजधानी मार्ग स्थित चंद्रकुसुम हास्पिटल के संचालक राधारमण अवस्थी ने बताया कि भटवा उन्नाव निवासी मरीज करन (20) पुत्र कमलेश अपनी मां कमला के साथ बीते दो दिन पहले हास्पिटल पहुंचा जहां परिजनों ने बताया कि बेटा मानसिक रूप से कुछ बीमार है।
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नर्सिंग होम में भर्ती करन
- फोटो : amar ujala
कुछ भी खा लेता, उसे होश नहीं रहता। बीते कुछ दिनों से लगातार खाने के बाद उल्टियां हो रही हैं। चिकित्सीय जांच कराई गई तो आमाशय में कुछ दिखा। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की मदद से लोहे की वस्तुएं होने का अनुमान लगा।
जिसके बाद उन्होंने सर्जन डा. पवन सिंह, आशीष कुमार, संतोष शर्मा व सर्वेश कुमार की टीम बनाकर शुक्रवार रात 12.30 से तीन बजे तक ऑपरेशन कर चार इंच लंबी कई कीलें, एक छोटा पेचकस, एक रेती करीब छह इंच लंबी, एक सरिया का टुकड़ा करीब छह इंच लंबा एवं कपड़े सिलने वाली कई सुईयां निकालीं।
बताया कि युवक मानसिक रूप से बीमार है जिस कारण वह क्या खा रहे हैं उन्हें होश नहीं रहता। लगातार पेट में दर्द बना रहता है पर मानसिक बीमारी के कारण उन्हें होश नहीं रहता। ऐसे में यदि समय पर युवक का उपचार न होता तो जान जा सकती थी। करन की मां और पिता ने बताया कि उनका यह इकलौता बेटा है, तीन साल से उसकी मानसिक हालत खराब है। दो बेटियां कोमल (13) व तनु (9) हैं।
जिसके बाद उन्होंने सर्जन डा. पवन सिंह, आशीष कुमार, संतोष शर्मा व सर्वेश कुमार की टीम बनाकर शुक्रवार रात 12.30 से तीन बजे तक ऑपरेशन कर चार इंच लंबी कई कीलें, एक छोटा पेचकस, एक रेती करीब छह इंच लंबी, एक सरिया का टुकड़ा करीब छह इंच लंबा एवं कपड़े सिलने वाली कई सुईयां निकालीं।
बताया कि युवक मानसिक रूप से बीमार है जिस कारण वह क्या खा रहे हैं उन्हें होश नहीं रहता। लगातार पेट में दर्द बना रहता है पर मानसिक बीमारी के कारण उन्हें होश नहीं रहता। ऐसे में यदि समय पर युवक का उपचार न होता तो जान जा सकती थी। करन की मां और पिता ने बताया कि उनका यह इकलौता बेटा है, तीन साल से उसकी मानसिक हालत खराब है। दो बेटियां कोमल (13) व तनु (9) हैं।