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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Murder was committed for 13 bighas of land, verdict came in 197 hearings, defence arguments could not proved

UP: 13 बीघा जमीन के लिए हुई थी हत्या, 197 सुनवाई में आया फैसला, बचाव के तर्क कसौटी पर नहीं हो सके साबित

Sun, 15 Sep 2024 08:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 15 Sep 2024 08:37 AM IST
सार

Hardoi News: जून 2016 में हुई हत्या के मामले में भाई-भतीजे समेत छह लोगों को अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सभी अभियुक्तों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

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Murder was committed for 13 bighas of land, verdict came in 197 hearings, defence arguments could not proved
सांकेतिक - फोटो : ANI

विस्तार

हरदोई जिले में लगभग आठ साल पहले हुई राम सागर की हत्या की पृष्ठभूमि में 13 बीघा कृषि योग्य भूमि थी। यह खेती रमा सागर की पत्नी सोनी की सेवा और देखरेख से खुश होकर मृतक के पिता ने सोनी के नाम कर दी थी। यही बात मृतक के भाई व उसके परिजनों को खटक रही थी।

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हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान अपने बचाव में हत्यारोपियों ने कई तर्क दिए, लेकिन न्यायालय की कसौटी पर यह तर्क साबित नहीं हो सके। आठ साल में 197 पेशियों के बाद मामले में फैसला आया है। सांडी थाना क्षेत्र के बखरिया गांव निवासी राम सागर की हत्या जून 2016 में कर दी गई थी।

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मामले में उसके सगे भाई, भतीजे समेत आठ लोगों को म़ृतक के पुत्र ने आरोपी बनाया था। विवेचना के दौरान एक आरोपी का नाम निकाल दिया गया था, जबकि एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान कमलेश और ज्ञान सिंह ने तर्क दिया था कि घटना के दिन वह लोग नोएडा के एक होटल में काम कर रहे थे।

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न तो उस नाम का होटल मिला और न ही प्रोपराइटर
इस पर न्यायालय ने संबंधित होटल के प्रोपराइटर को सम्मन जारी किया था। पुलिस जब सम्मन लेकर गई तो मौके पर न तो उस नाम का होटल मिला और न ही प्रोपराइटर। हत्यारोपियों ने खुद को बेहद गरीब बताते हुए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर न्यायालय से राहत की गुहार लगाई थी, लेकिन अभियोजन पक्ष का कहना था कि एक राय होकर हत्या की गई है। अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है, इसलिए कठोरतम सजा दी जाए।

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भाई-भतीजे समेत छह को आजीवन कारावास
मामले में भाई-भतीजे समेत छह लोगों को अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जुर्माने की आधी रकम मृतक के पुत्र वादी मुकदमा को देने का आदेश भी अपर जिला जज ने दिया है।

लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से वार किया
सांडी थाना क्षेत्र के बखरिया निवासी राम सिंह ने 22 जून 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 22 जून 2016 की शाम लगभग छह बजे उसके पिता राम सागर (55) खेत से भूसा लेकर घर जा रहे थे। इसी दौरान उसके ताऊ गोवर्धन, उनके पुत्र अनिल कुमार गांव के ही चंद्र प्रकाश किसान उर्फ ठेकेदार व उनके पुत्र छविराम, ज्ञान सिंह, कमलेश, पृथ्वीराज और राम सहाय ने मिलकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से रामसागर पर वार कर दिया।

2016 में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था
इस कारण राम सागर गंभीर रूप से घायल हो गए। पता चलने पर गांव वालों से मदद मांगी तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। राम सागर की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना में पुलिस ने विवेचना के बाद गोवर्धन, अनिल, चंद्रप्रकाश और राम सहाय के खिलाफ 24 सितंबर 2016 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जबकि पृथ्वीराज, कमलेश और ज्ञान सिंह के खिलाफ 16 जनवरी 2017 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

एक आरोपी चंद्र प्रकाश की मौत हो गई थी
छविराम का नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया था। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने गोवर्धन, उसके पुत्र अनिल, कमलेश सिंह, ज्ञान सिंह, पृथ्वीराज और राम सहाय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान एक आरोपी चंद्र प्रकाश की मौत हो गई थी। अभियुक्तों में गोवर्धन और अनिल पिता-पुत्र हैं, जबकि कमलेश सिंह और ज्ञान सिंह भाई हैं।

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