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हत्या में तीन सगे भाइयों समेत छह को आजीवन कारावास
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कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के इकघरा नुनारी गांव में 14 साल पहले दस हजार रुपये के लिए हत्या के मामले में तीन भाइयों समेत छह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी।
इकघरा नुनारी गांव में 18 अक्तूबर 2007 को किसान जगरूप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि इनके भाई विजय सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे। वहीं, मारपीट में परिवार के अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आई थीं। मामले में मृतक के भतीजे सोनू सिंह ने तीन सगे भाई चंद्रभान सिंह, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह व इनके चचेरे भाई पिंकू सिंह, गुड्डू उर्फ शैलेंद्र सिंह, अशोक सिंह पर हत्या, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसने पुलिस को बताया था कि ट्रैक्टर की जुताई का दस हजार रुपये मांगने पर उक्त लोगों ने विवाद किया था। इसका उलाहना देने जाने पर दोनों लोगों पर गोली चला दी थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट 14वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय, धनंजय पांडेय ने अभियुक्तों को कठोर सजा दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्तों को घटना का दोषी पाया। इसमें सभी छह अभियुक्तों को उम्रकैद व प्रत्येक पर 42500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि चंद्रभान, पिकूं सिंह व शैलेंद्र उर्फ गुड्डू को आयुध अधिनियम में भी दोषी पाए जाने पर तीन-तीन वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अर्थदंड की कुल धनराशि से आधी रकम मृतक के वारिसानों को दी जाएगी।
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इकघरा नुनारी गांव में 18 अक्तूबर 2007 को किसान जगरूप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि इनके भाई विजय सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे। वहीं, मारपीट में परिवार के अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आई थीं। मामले में मृतक के भतीजे सोनू सिंह ने तीन सगे भाई चंद्रभान सिंह, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह व इनके चचेरे भाई पिंकू सिंह, गुड्डू उर्फ शैलेंद्र सिंह, अशोक सिंह पर हत्या, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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उसने पुलिस को बताया था कि ट्रैक्टर की जुताई का दस हजार रुपये मांगने पर उक्त लोगों ने विवाद किया था। इसका उलाहना देने जाने पर दोनों लोगों पर गोली चला दी थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट 14वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय, धनंजय पांडेय ने अभियुक्तों को कठोर सजा दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्तों को घटना का दोषी पाया। इसमें सभी छह अभियुक्तों को उम्रकैद व प्रत्येक पर 42500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि चंद्रभान, पिकूं सिंह व शैलेंद्र उर्फ गुड्डू को आयुध अधिनियम में भी दोषी पाए जाने पर तीन-तीन वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अर्थदंड की कुल धनराशि से आधी रकम मृतक के वारिसानों को दी जाएगी।
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