{"_id":"a3e511d25ae06b08c5f76a796dd92992","slug":"murder-accused-lifelong-jail-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की हत्या में बेटे को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता की हत्या में बेटे को आजीवन कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Sun, 26 Jul 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम की अदालत में चल रहे हत्या के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
भोगनीपुर थाना क्षेत्र के दलेलनगर निवासी क मलेश पुत्र पूरन ने 26 जुलाई 2011 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके पिता पूरन ने सात विस्वा जमीन बेची थी, जिससे उसे 85 हजार रुपये मिले थे, जिसमें उसने पचास हजार रुपये अपने पास रख लिए शेष राशि अपने पांचों बेटों में बांट दी।
जबकि, उसका तीसरे नंबर का पुत्र इंदपाल पूरी रकम की मांग कर रहा था। पिता पूरन ने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे नाराज इंदपाल ने रात में सोते समय धारदार हथियार से पिता को घायल कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल ले जाते समय पूरन की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम रमाकांत सेठ की अदालत में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी इंदपाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह सेंगर ने बताया कि अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
भोगनीपुर थाना क्षेत्र के दलेलनगर निवासी क मलेश पुत्र पूरन ने 26 जुलाई 2011 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके पिता पूरन ने सात विस्वा जमीन बेची थी, जिससे उसे 85 हजार रुपये मिले थे, जिसमें उसने पचास हजार रुपये अपने पास रख लिए शेष राशि अपने पांचों बेटों में बांट दी।
विज्ञापन
जबकि, उसका तीसरे नंबर का पुत्र इंदपाल पूरी रकम की मांग कर रहा था। पिता पूरन ने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे नाराज इंदपाल ने रात में सोते समय धारदार हथियार से पिता को घायल कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल ले जाते समय पूरन की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम रमाकांत सेठ की अदालत में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी इंदपाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह सेंगर ने बताया कि अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।