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Kanpur News: तकनीकी शिक्षा और समाज के बीच सेतु का काम करेगा एमएसटीएएस
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कानपुर। आईआईटी कानपुर तकनीकी शिक्षा और समाज के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। संस्थान में मिलेनियम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी (एमएसटीएएस) की स्थापना की जाएगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना संस्थान के वर्ष 2000 बैच के पूर्व छात्रों के 100 करोड़ रुपये के बड़े योगदान से संभव होगी। इस पहल को छात्रों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे न केवल संस्थान में शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्रों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे। वर्तमान में यह योजना प्रारंभिक चरण में है और प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इस पर कार्य शुरू होगा।
मिलेनियम बैच के छात्रों ने संस्थान की ओर से प्रस्तुत विभिन्न परियोजनाओं में से एमएसटीएएस को चुना है। इस स्कूल की स्थापना से छात्रों को बहुआयामी और भविष्योन्मुख शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह स्कूल इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, एथिक्स और सामाजिक विज्ञान जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीक के सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रभावों को समझने में भी सक्षम बनाना है। आज के समय में जब तकनीक सीधे समाज को प्रभावित कर रही है, ऐसे में यह समग्र दृष्टिकोण छात्रों को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार पेशेवर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
शोध और नवाचार को मिलेगा नया आयाम
एमएसटीएएस की स्थापना का एक प्रमुख लाभ शोध और नवाचार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इस स्कूल के तहत इंटरडिसिप्लिनरी शोध को विशेष बढ़ावा मिलेगा। इसके माध्यम से छात्र जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, डिजिटल समावेशन और सतत विकास जैसी वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित शोध कर सकेंगे। 100 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण निधि का उपयोग अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, शोध फेलोशिप, स्कॉलरशिप प्रदान करने और वैश्विक सहयोग कार्यक्रमों को विकसित करने में किया जाएगा। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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छात्रों के कॅरिअर को मिलेगी नई उड़ान
छात्रों के कॅरिअर की दृष्टि से भी यह स्कूल अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उद्योग, सरकार और सामाजिक संगठनों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित की जाएगी, जिससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और प्लेसमेंट के नए अवसर सृजित होंगे। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और वे पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ उद्यमिता, स्टार्टअप और सामाजिक नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे। डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एल्युमिनाई प्रो. अमय करकरे ने बताया कि मिलेनियम बैच का यह योगदान केवल एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह आईआईटी कानपुर के शैक्षणिक दृष्टिकोण को एक नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे शोध को बढ़ावा मिलेगा और यह छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। प्रो. करकरे ने यह भी बताया कि इस प्रस्ताव पर पूर्व छात्रों के साथ काफी समय से चर्चा चल रही थी और कई प्रस्तावों में से एमएसटीएएस का प्रस्ताव सबसे अधिक पसंद आया।
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मिलेनियम बैच के छात्रों ने संस्थान की ओर से प्रस्तुत विभिन्न परियोजनाओं में से एमएसटीएएस को चुना है। इस स्कूल की स्थापना से छात्रों को बहुआयामी और भविष्योन्मुख शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह स्कूल इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, एथिक्स और सामाजिक विज्ञान जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीक के सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रभावों को समझने में भी सक्षम बनाना है। आज के समय में जब तकनीक सीधे समाज को प्रभावित कर रही है, ऐसे में यह समग्र दृष्टिकोण छात्रों को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार पेशेवर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
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शोध और नवाचार को मिलेगा नया आयाम
एमएसटीएएस की स्थापना का एक प्रमुख लाभ शोध और नवाचार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इस स्कूल के तहत इंटरडिसिप्लिनरी शोध को विशेष बढ़ावा मिलेगा। इसके माध्यम से छात्र जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, डिजिटल समावेशन और सतत विकास जैसी वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित शोध कर सकेंगे। 100 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण निधि का उपयोग अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, शोध फेलोशिप, स्कॉलरशिप प्रदान करने और वैश्विक सहयोग कार्यक्रमों को विकसित करने में किया जाएगा। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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छात्रों के कॅरिअर को मिलेगी नई उड़ान
छात्रों के कॅरिअर की दृष्टि से भी यह स्कूल अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उद्योग, सरकार और सामाजिक संगठनों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित की जाएगी, जिससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और प्लेसमेंट के नए अवसर सृजित होंगे। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और वे पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ उद्यमिता, स्टार्टअप और सामाजिक नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे। डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एल्युमिनाई प्रो. अमय करकरे ने बताया कि मिलेनियम बैच का यह योगदान केवल एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह आईआईटी कानपुर के शैक्षणिक दृष्टिकोण को एक नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे शोध को बढ़ावा मिलेगा और यह छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। प्रो. करकरे ने यह भी बताया कि इस प्रस्ताव पर पूर्व छात्रों के साथ काफी समय से चर्चा चल रही थी और कई प्रस्तावों में से एमएसटीएएस का प्रस्ताव सबसे अधिक पसंद आया।