फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   mother died after giving birth to a child on the way because of ambulance

एंबुलेंस न मिलने पर गर्भवती ऑटो से जा रही थी सीएचसी, रास्ते में बच्चे को जन्म देकर प्रसूता की मौत

Sat, 05 Oct 2019 08:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 05 Oct 2019 08:23 PM IST
विज्ञापन
mother died after giving birth to a child on the way because of ambulance
एंबुलेंस सेवा उत्तर प्रदेश सरकार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर के मसगवां में सरकारी एंबुलेंस न मिलने व आशा कार्यकर्ता के नदारद रहने पर आटो में ले जाई जा रही महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने नवजात को भर्ती कर लिया और महिला को मृत घोषित कर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन


मसगवां निवासी मूलचंद की बेटी सीमा की शादी सरीला तहसील के ममना गांव में गजराज के बेटे रज्जन के साथ हुई थी। ससुरालियों से अनबन होने पर वह करीब डेढ़ साल पूर्व मायके में माता-पिता के पास आ गई थी। उसके एक बड़ा बेटा कार्तिक (2) भी है। इस बीच उसका पति अपनी पत्नी सीमा से मिलने आता रहा।
विज्ञापन


 

ससुराल ले जाने के लिए कई बार पंचायतें भी हुईं। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। मृतका के भाई रामबरन ने बताया शनिवार सुबह 10 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर उन्होंने 108 व 102 एंबुलेंस को कई बार फोन किया, लेकिन जब किसी ने फोन नहीं उठाया और न ही कोई जवाब मिला तो उन्होंने गांव की आशा बहू को तलाश किया।

मगर उसका भी पता नहीं चल सका। इस पर सुबह 10:30 बजे बहन को मां गौरी व अपनी चाची और पिता के साथ आटो से कस्बे के सीएचसी लेकर जाने लगे, तभी गांव से कुछ दूर ही प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसने बच्चे को जन्म दिया। बताया आटो रोककर मां व चाची ने बच्चे को संभाला। लेकिन बहन तड़पते हुए बेहोश हो गई।

 

आननफानन में 10 किमी दूर सीएचसी लाए, जहां चिकित्सकों ने सीमा को मृत घोषित कर दिया और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर लिया है। सूचना पाकर उसका ससुर गजराज, सास राजकुमारी (प्रधान ममना) व पति रज्जन भी अस्पताल पहुंचे। सीएचसी के अधीक्षक डा. अनिल सचान ने बताया मसगवां गांव पंचायत में चार मजरे असुई, ढुंगवां, खड़ेही हैं।

इनमें आशा कार्यकर्ता तैनात ही नहीं है। अभी हाल ही में एक आशा की तैनाती हुई है। वह इन गांवों के किस मजरे में है जानकारी करेंगे। उन्होंने कहा एंबुलेंस न मिलना जांच का विषय है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed