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डॉक्टर नहीं थी खून बह रहा था, नर्स नहीं रोक सकी, जच्चा-बच्चा की मौत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:20 PM IST
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यूपी के औरैया जिले में सीएचसी में सोमवार शाम डाक्टर की गैरहाजिरी में नर्स ने गर्भवती की डिलीवरी करा दी, जिससे जच्चा और बच्चा की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया।
मामला अयाना थाना क्षेत्र के अयाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के भैदपुर गांव निवासी शीलेश ने गर्भवती पत्नी ज्योति को सीएचसी में डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह 11 बजे भर्ती कराया। यहां डाक्टर की गैरहाजिरी में स्टाफ नर्स ने शाम छह बजे ज्योति की डिलीवरी कराई, जिससे एक पुत्र का जन्म हुआ।
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मामला अयाना थाना क्षेत्र के अयाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के भैदपुर गांव निवासी शीलेश ने गर्भवती पत्नी ज्योति को सीएचसी में डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह 11 बजे भर्ती कराया। यहां डाक्टर की गैरहाजिरी में स्टाफ नर्स ने शाम छह बजे ज्योति की डिलीवरी कराई, जिससे एक पुत्र का जन्म हुआ।
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खून बह रहा था, जिसे नर्स नहीं रोक सकी
जिला अस्पताल में जानकारी देता मृतका का पति शीलेश
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार देर रात अचानक ज्योति और उसके नवजात पुत्र की हालत बिगड़ गई। स्टाफ नर्स ने गंभीर हालत में नवजात को सैफई, जबकि ज्योति को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन दोनों को रेफर किए गए अस्पतालों में ले जाने पर अस्पताल पहुंचने से पूर्व जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
इस मामले में मृतका के पति शीलेश ने बताया कि ज्योति के शरीर से लगातार खून बह रहा था, जिसे नर्स नहीं रोक सकी। जिला अस्पताल में पीड़ित पति ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस बाबत अयाना एसओ ने बताया कि अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमओ एके राय ने बताया कि जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी अस्पताल में महिला चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। डॉक्टरों की कमी को लेकर अफसरों से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों के पद खाली होने पर नर्स ही काम संभालती हैं। जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।
इस मामले में मृतका के पति शीलेश ने बताया कि ज्योति के शरीर से लगातार खून बह रहा था, जिसे नर्स नहीं रोक सकी। जिला अस्पताल में पीड़ित पति ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस बाबत अयाना एसओ ने बताया कि अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमओ एके राय ने बताया कि जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी अस्पताल में महिला चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। डॉक्टरों की कमी को लेकर अफसरों से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों के पद खाली होने पर नर्स ही काम संभालती हैं। जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।