Kanpur: ई-बाइक और क्रिप्टोकरेंसी में ज्यादा मुनाफे का दिया लालच, 100 से ज्यादा लोगों से चार करोड़ ठगे
Kanpur News: बर्रा थाना प्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि कार्यालय के नीचे दो स्कूटी खड़ी हैं। आरोपियों ने जिससे कार्यालय के लिए कमरा किराये पर लिया था, उनको भी लालच देकर निवेश कराया। उनके भी ढाई लाख रुपये फंसे हैं। साथ ही, आरोपियों के घरों के पते भी गलत हैं। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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कानपुर में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर तीन शातिरों ने ई-बाइक के व्यापार और क्रिप्टोकरेंसी में 100 से ज्यादा लोगों से चार करोड़ रुपये का निवेश कराया। इसके बाद रकम लेकर भाग गए। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने बर्रा थाने में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में 15 दिन में दूसरी रिपोर्ट दर्ज हुई है।
आवास विकास हंसपुरम निवासी अनिल कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार को बर्रा थाने में रतनपुर पनकी निवासी शिव प्रताप सिंह, पत्नी पूनम सिंह और विश्व बैंक निवासी सौरभ सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अनिल ने बताया कि शिव प्रताप सिंह चिप्सकेव ग्लोबल कंपनी का डायरेक्टर है। कंपनी का कार्यालय विश्व बैंक बर्रा इलाके के गुरुदेव टॉवर में है।
कमाई के फायदे गिनाकर कराया निवेश
शिव प्रताप, पूनम और सौरभ सिंह तीनों कंपनी का काम संभालते थे। वर्ष 2022 में इन लोगों ने कंपनी बनाई और उसके बाद से कभी ई-बाइक के व्यापार में दोगुना मुनाफा होने का झांसा देकर निवेश कराया तो कभी ऑनलाइन मार्केटिंग व क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर कमाई के फायदे गिनाकर निवेश कराया। इन लोगों ने परिचितों और रिश्तेदारों से भी निवेश कराने के लिए कहा। इस तरह करीब 100 से ज्यादा लोगों से चार करोड़ रुपये निवेश कराए।
आरोपियों के घरों के पते भी गलत हैं
इसके बाद लापता हो गए। इन लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन स्विच ऑफ मिला, कार्यालय पर भी ताला पड़ा है। बर्रा थाना प्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि कार्यालय के नीचे दो स्कूटी खड़ी हैं। आरोपियों ने जिससे कार्यालय के लिए कमरा किराये पर लिया था, उनको भी लालच देकर निवेश कराया। उनके भी ढाई लाख रुपये फंसे हैं। साथ ही आरोपियों के घरों के पते भी गलत हैं। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
भरोसा जीतने के लिए लाभांश भी दिया
अनिल के अनुसार, आरोपियों ने लोगों से चिप्सकेव ऑटोमोबाइल्स में ई-बाइक का बिजनेस करने की बात कही। समझाया कि ई-बाइक समय की मांग है। इसमें लाखों निवेश करोगे, तो रकम चंद दिनों में ही दो से तीन गुनी हो जाएगी। पैसा भी बैंक खाते में जमा करा रहे थे, तो शक नहीं हुआ। कुछ लोगों ने पैसा लगा दिया तो उनका भरोसा जीतने के लिए चंद दिनों में ही मोटा लाभांश दे दिया। उन्हें भरोसा हुआ तो ज्यादा निवेश कर दिया। साथ ही मिलने वाले लोगों के भी लाखों रुपये लगवा दिए।
हर्ष ने दो जनवरी को दर्ज कराई थी पहली रिपोर्ट
ठगी के इस मामले में कल्याणपुर खुर्द निवासी हर्ष शुक्ला ने दो जनवरी को पहली रिपोर्ट लिखाई थी। हर्ष के अनुसार, उन्होंने जालसाजों की बातों पर यकीन कर 50 हजार रुपये लगाए। भाई नितिन ने एक लाख, भाभी मेधा ने 50 हजार और छोटे भाई आयुष ने 3.60 लाख रुपये जमा किए थे। वहीं, उन्नाव के चमियानी निवासी अजय यादव ने 7.20 लाख रुपये, आवास विकास कल्याणपुर निवासी राजबहादुर सिंह ने 3.10 लाख रुपये लगाए हैं।