{"_id":"67af98d27373ab4fb5017f83","slug":"moot-court-competition-from-21st-february-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1003869-2025-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मूट कोर्ट प्रतियोगिता 21 फरवरी से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मूट कोर्ट प्रतियोगिता 21 फरवरी से
विज्ञापन
कानपुर। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज की चौथी एआईयू राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 21 से 23 फरवरी तक होगी। इसमें देश भर से 70 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे।
कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल शामिल होंगे। डीयू के कॉलेज से ओपी जिंदल के अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद विवि, व डॉ. बीआर अंबेडकर विवि के प्रोफेसर शामिल होंगे। प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ टीम को 51,000, रनर अप टीम को 21,000, सर्वश्रेष्ठ वक्ता को 5,100 रुपये, सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता और मेमोरियल को 5100-5100 रुपये पुरस्कार मिलेगा।
विभाग के निदेशक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि मूट कोर्ट कानून के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षिक गतिविधि है। मूट कोर्ट में भाग लेने से छात्रों को कानून के व्यावहारिक पक्ष को समझने का मौका मिलता है। वह केस लॉ, विधिक प्रावधानों और तर्कशास्त्र का प्रयोग करते हुए कोर्ट में प्रस्तुतियों देने का अभ्यास करते हैं। मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों की गहन कानूनी शोध करने और जटिल कानूनी मुद्दों पर तर्क विकसित करने में मदद करती हैं। (ब्यूरो)
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल शामिल होंगे। डीयू के कॉलेज से ओपी जिंदल के अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद विवि, व डॉ. बीआर अंबेडकर विवि के प्रोफेसर शामिल होंगे। प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ टीम को 51,000, रनर अप टीम को 21,000, सर्वश्रेष्ठ वक्ता को 5,100 रुपये, सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता और मेमोरियल को 5100-5100 रुपये पुरस्कार मिलेगा।
विज्ञापन
विभाग के निदेशक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि मूट कोर्ट कानून के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षिक गतिविधि है। मूट कोर्ट में भाग लेने से छात्रों को कानून के व्यावहारिक पक्ष को समझने का मौका मिलता है। वह केस लॉ, विधिक प्रावधानों और तर्कशास्त्र का प्रयोग करते हुए कोर्ट में प्रस्तुतियों देने का अभ्यास करते हैं। मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों की गहन कानूनी शोध करने और जटिल कानूनी मुद्दों पर तर्क विकसित करने में मदद करती हैं। (ब्यूरो)
विज्ञापन