{"_id":"66ac0023fff3e08cc30bb474","slug":"monitor-fertilizer-distribution-by-creating-a-control-room-kanpur-news-c-220-1-akb1007-115551-2024-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कंट्रोल रूम बनाकर करें उर्वरक वितरण की निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कंट्रोल रूम बनाकर करें उर्वरक वितरण की निगरानी
Fri, 02 Aug 2024 03:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 02 Aug 2024 03:07 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी आलोक सिंह ने उर्वरक को लेकर समीक्षा की। उन्होंने उर्वरक उपलब्धता व वितरण के लिए कृषि अधिकारी को कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी करने के निर्देश दिए। जिससे किसी किसान को फसल बोआई के दौरान उर्वरक की किल्लत से न जूझना पड़े।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश गुप्ता बताया कि कि जिले को 45360 मीट्रिक टन यूरिया, 10367 मीट्रिक टन डीएपी, 269 एमटी एमओपी व 1769 एमटी एनपीके प्राप्त हुई है। जिसमें वितरण के बाद 37160 एमटी यूरिया, 7235 एमटी डीएपी, 228 एमटी एमओपी व 1187 एमटी एनपीके मौजूद है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। जिसके लिए डीलर अपने स्टॉक संबंधी रिकार्ड रखें, दुकान के बाहर स्टॉक की मात्रा, रेट आदि को प्रदर्शित करें।
उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को तय समय पर उर्वरक दुकानों का निरीक्षण करने, बड़े वाहनों (जिससे उर्वरक कम्पनियों से उर्वरक बिक्रेताओं के पास पहुंचते है), उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने थोक विक्रेताओं को अनावश्यक भंडारण न करने, मांग के अनुसार रिटेलर को उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही कहा कि फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों को निर्धारित जोत के आधार पर उर्वरक को वितरित करने, किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराएं। उन्होंने शत-प्रतिशत वितरण आधार प्रमाणीकरण व पीओएस मशीन से माध्यम से करने के निर्देश दिए। इस दौरान उप कृषि निदेशक राम बचन राम, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, विक्रेता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश गुप्ता बताया कि कि जिले को 45360 मीट्रिक टन यूरिया, 10367 मीट्रिक टन डीएपी, 269 एमटी एमओपी व 1769 एमटी एनपीके प्राप्त हुई है। जिसमें वितरण के बाद 37160 एमटी यूरिया, 7235 एमटी डीएपी, 228 एमटी एमओपी व 1187 एमटी एनपीके मौजूद है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। जिसके लिए डीलर अपने स्टॉक संबंधी रिकार्ड रखें, दुकान के बाहर स्टॉक की मात्रा, रेट आदि को प्रदर्शित करें।
विज्ञापन
उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को तय समय पर उर्वरक दुकानों का निरीक्षण करने, बड़े वाहनों (जिससे उर्वरक कम्पनियों से उर्वरक बिक्रेताओं के पास पहुंचते है), उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने थोक विक्रेताओं को अनावश्यक भंडारण न करने, मांग के अनुसार रिटेलर को उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही कहा कि फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों को निर्धारित जोत के आधार पर उर्वरक को वितरित करने, किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराएं। उन्होंने शत-प्रतिशत वितरण आधार प्रमाणीकरण व पीओएस मशीन से माध्यम से करने के निर्देश दिए। इस दौरान उप कृषि निदेशक राम बचन राम, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, विक्रेता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन