कानपुर: पात्रों को आवास नहीं, अपात्रों पर मेहरबानी, पीएम आवास योजना और लोहिया आवास में चला पैसा
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कई गरीबों को पैसा दिया गया तो जिम्मेदारों ने मकान निर्माण के लिए पैसा ले लिया लेकिन एक ही कमरा बनवा कर दिया, शेष पैसा हजम कर गए। इसी तरह पीएम आवास योजना के 7 लोग मिले जिनके आवास का पैसा लेकर आधा जिम्मेदार हड़प गए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए लोहिया आवास योजना का शुभारम्भ किया था।
गरीब को मकान निर्माण के लिए तीन किस्तों में 3 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि दी जाती थी। वित्तीय वर्ष 2015-16 में रहटी खालसा व रहटी ऐमा गांव में एक दर्जन से अधिक लोगों की लोहिया आवास की सूची बनाई गई। पात्रों के नाम पर पैसा भी आ गया लेकिन सूची में 7 लोगों को आवास का पैसा नहीं मिला। इसी तरह का मामला प्रधानमंत्री आवास योजना का है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल 25 लोगों को पात्र श्रेणी में रखा गया था जिसमें से 13 लोगों को ही आवास मुहैया कराया गया था। शेष लोगों को न तो आवास मिला और न ही पैसा। आज भी वे कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं।
आवास के नाम पर पैसे लेने की शिकायत पर परियोजना निदेशक के.के पाण्डेय ने बीडीओ एसएन सिंह से जांच कराई थी। जिसमें लोहिया आवास के 7 और पीएम आवास के 7 लोगों ने जिम्मेदारों पर पैसा लेने का आरोप लगाया था। लेकिन जांच रिपोर्ट में लिखा गया कि लाभार्थी ने कोई साक्ष्य नहीं दिखाया। जांच रिपोर्ट पीडी को सौंप दी गई लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मामले की शिकायत आई है। लेकिन पैसे मांगने की जानकारी नहीं है। इसकी भी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
डॉ महेंद्र कुमार, सीडीओ
क्या कहते हैं पात्र
पीएम आवास योजना के नाम पर 1 लाख 20 हजार रुपये खाते में आए थे जिसे प्रधान ने ले लिए थे और कहा था हम तुम्हारा मकान बनवाएंगे। मकान आधा पहले से बना था, आधा उन्होंने बनवाया लेकिन प्लास्टर नहीं करवाया।
मान सिंह
पीएम आवास योजना में 2017-18 में सूची में नाम था लेकिन आवास आजतक नहीं मिला। जो अपात्र थे उनसे आधा पैसा ले लिया और आवास दे दिया गया।
सिया कुमारी
कच्चा घर है, प्रधान से कहकर किसी तरह से सूची में नाम आया था। कई लोगों को पैसा मिल गया लेकिन मुझे कोई पैसा नहीं दिया गया। कई बार प्रधान से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
फूल सिंह
गांव में उन्हीं लोगों को आवास मिला जिन्होंने जिम्मेदारों को पैसा दिया। शिकायत पर जांच हुई और आरोप सही पाया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उमा देवी