उन्नाव कांड: दुष्कर्म पीड़िता का चाचा ट्रेन में लूट व आर्म्स एक्ट के केस में दोषमुक्त, कही ये बात
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के आरोपी चाचा पर 20 साल पहले दर्ज हुए ट्रेन में लूट व आर्म्स एक्ट के मुकदमें में अदालत ने दोषमुक्त करार दिया। वहीं एक अधिवक्ता का आकस्मिक निधन और वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने से अलग-अलग न्यायालयों में चल रहे पांच मुकदमों की सुनवाई अब 14 व 15 अक्तूबर को होगी।
विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के चाचा के खिलाफ वर्ष 1999 में माखी रेलवे स्टेशन के पास बालामऊ पैसेंजर में यात्रियों से लूटपाट व मारपीट का आरोप लगा था। जीआरपी थाने में लूट व आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
बीस साल पहले दर्ज हुआ था ट्रेन में लूट मुकदमा, जेएम कोर्ट में चल रही थी सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रही थी। मुकदमे में अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों के बाद सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश के निर्देश पर शनिवार को आरोपी चाचा को तिहाड़ जेल से लेकर दिल्ली पुलिस दोपहर 1:30 बजे उन्नाव न्यायालय पहुंची।
पहले उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश शमीना जमील ने दोनों मामलों में आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया। वहीं एसीजेएम तृतीय कोर्ट में विचाराधीन झूठा प्रार्थनापत्र देने, पीड़िता की फर्जी टीसी मामले में 14 अक्तूबर को वीडियो कांफ्रेंसिग से सुनवाई होगी।
जबकि अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठ में चल रहे प्राणघातक हमले व सीजेएम के न्यायालय में अभिलेखों में सफेदा लगाने के मुकदमे की सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। आरोपी चाचा के वकील अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि 15 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई में आरोपी को तिहाड़ से फिर जिला सत्र न्यायालय लाया जा सकता है।