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Kanpur News: करोड़ों की जमीन में हेराफेरी, एसडीएम कोर्ट में दाखिल हुआ वाद
Sat, 20 Jan 2024 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 20 Jan 2024 12:05 AM IST
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कानपुर देहात। अकबरपुर तहसील के बनार अलीपुर के पास करीब पांच करोड़ रुपये की जमीन अभिलेखों हेरफेर किए जाने मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कराया है।
डीजीसी सिविल ने गोपाल स्वरूप ओमर ने बताया कि अकबरपुर तहसील के बनार अलीपुर के गाटा संख्या 66 मिनजुमला के रकबा 0.4710 हेक्टअर जमीन को हेरफेर कर बेचने के मामले में प्रशांत द्वारा शिकायत की गई थी। जांच में फसली वर्ष 1348 आराजी नंबर 66 बनार अलीपुर उक्त जमीन जमीदारी उन्मूलन अधिनियम लागू होने के बाद राज्य सरकार में निहित होना पाई गई। इस आधार पर तत्कालीन लेखपाल की आख्या पर तहसीलदार ने सितंबर 2012 में इसका राजस्व अभिलेखों में अमल दरामद किया गया। ग्राम सभा में जमीन के आने के बाद एक खातेदार रीता गुप्ता ने उक्त आदेश को लेकर 15 अप्रैल 2013 को अपर आयुक्त न्यायिक के यहां अपील की। इसके बाद सुनवाई कर एसडीएम को उक्त जमीन पर निगरानी करने के आदेश दिए। सरकारी जमीन को बचाने को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। इस पर एसडीएम कोर्ट ने स्टे जारी किया है।
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डीजीसी सिविल ने गोपाल स्वरूप ओमर ने बताया कि अकबरपुर तहसील के बनार अलीपुर के गाटा संख्या 66 मिनजुमला के रकबा 0.4710 हेक्टअर जमीन को हेरफेर कर बेचने के मामले में प्रशांत द्वारा शिकायत की गई थी। जांच में फसली वर्ष 1348 आराजी नंबर 66 बनार अलीपुर उक्त जमीन जमीदारी उन्मूलन अधिनियम लागू होने के बाद राज्य सरकार में निहित होना पाई गई। इस आधार पर तत्कालीन लेखपाल की आख्या पर तहसीलदार ने सितंबर 2012 में इसका राजस्व अभिलेखों में अमल दरामद किया गया। ग्राम सभा में जमीन के आने के बाद एक खातेदार रीता गुप्ता ने उक्त आदेश को लेकर 15 अप्रैल 2013 को अपर आयुक्त न्यायिक के यहां अपील की। इसके बाद सुनवाई कर एसडीएम को उक्त जमीन पर निगरानी करने के आदेश दिए। सरकारी जमीन को बचाने को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। इस पर एसडीएम कोर्ट ने स्टे जारी किया है।
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