{"_id":"6217d592b86ce022d91cfe78","slug":"minor-overflow-water-filled-in-three-hundred-bigha-crop-akbarpur-news-knp6824120156","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर ओवरफ्लो, तीन सौ बीघा फसल में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर ओवरफ्लो, तीन सौ बीघा फसल में भरा पानी
विज्ञापन
गदाईपुर गांव में जौहर माइनर से निकलता पानी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। जौहर माइनर की पटरी धंस जाने से गदाईपुर के पास नहर ओवरफ्लो हो गई। इससे 300 बीघा खेतों में पाीन भर गया। किसानों की सूचना पर पहुंचे अवर अभियंता ने पानी कम कराया, लेकिन खेत माइनर से नीचे होने की वजह से पानी भरा हुआ है।
गदाईपुर निवासी शिव सिंह यादव, महाराज सिंह, रामबाबू, नाथूराम, रामाधीन, जसवंत सिंह, सुजानपुर निवासी वीर सिंह, राजन, ज्ञान सिंह, सजनलाल आदि किसानों ने बताया कि जौहर माइनर की विषधन रोड के पास की माइनर की पक्की पटरी लगभग तीन मीटर तक धंस गई थी। पानी आसपास के गेहूं के खेतों में भर गया। सुबह किसान को पता चला तो सूचना अवर अभियंता को दी। अवर अभियंता ने मशीन लगवाकर पानी कम करवाया।
किसानों ने बताया कि उनके खेत निचली भूमि पर है। इस वजह से अभी भी खेतों से पानी भरा हुआ है। सहायक अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया की गेहूं में इस समय पानी की आवश्यकता थी, किसानों की मांग पर पानी बढ़ाया गया था। पटरी धंस जाने की बात गलत है। पानी ओवरफ्लो होने के कारण पटरी के आसपास की मिट्टी बह गई है। इससे पानी खेतों में भर गया था। अब पानी ऊपर से कम करवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गदाईपुर निवासी शिव सिंह यादव, महाराज सिंह, रामबाबू, नाथूराम, रामाधीन, जसवंत सिंह, सुजानपुर निवासी वीर सिंह, राजन, ज्ञान सिंह, सजनलाल आदि किसानों ने बताया कि जौहर माइनर की विषधन रोड के पास की माइनर की पक्की पटरी लगभग तीन मीटर तक धंस गई थी। पानी आसपास के गेहूं के खेतों में भर गया। सुबह किसान को पता चला तो सूचना अवर अभियंता को दी। अवर अभियंता ने मशीन लगवाकर पानी कम करवाया।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि उनके खेत निचली भूमि पर है। इस वजह से अभी भी खेतों से पानी भरा हुआ है। सहायक अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया की गेहूं में इस समय पानी की आवश्यकता थी, किसानों की मांग पर पानी बढ़ाया गया था। पटरी धंस जाने की बात गलत है। पानी ओवरफ्लो होने के कारण पटरी के आसपास की मिट्टी बह गई है। इससे पानी खेतों में भर गया था। अब पानी ऊपर से कम करवा दिया है।
विज्ञापन