मंत्री नंद गोपाल नंदी बोले: उद्यमियों को बताएं यूपीसीडा में पैसा नहीं चलता, आरएम साहब, कोई एक काम बताओ जो आपने किया हो
मंत्री ने बैठक के दौरान फर्जीवाड़े का उदाहरण देते हुए एक महिला उद्यमी कहानी सुनाई। बताया कि महिला पिछले कार्यकाल में होम्योपैथिक दवा सप्लाई के लिए टेंडर लेने आई थी। टेंडर के बदले वह 75 प्रतिशत तक कमीशन देने को तैयार थी।
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प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के लखनपुर स्थित सभागार में पहली समीक्षा बैठक के दौरान सख्त तेवर में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि किसी भी उद्यमी से नक्शा पास कराने, भूखंड ट्रांसफर कराने आदि कामों के लिए पैसा लिया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि सभी आरएम अपने-अपने क्षेत्र में जाकर कैंप लगाएं।
उद्यमियों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराएं। उन्हें बताएं कि अब यूपीसीडा में बिना पैसों के काम होता है, पहले जैसा नहीं रहा। सारे काम ऑनलाइन हो रहे हैं। दृष्टि एप से सभी औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य देख सकते हैं। कुछ गलत हो रहा तो ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। पिछले पांच सालों में यूपीसीडा में 95 प्रतिशत सुधार हुआ है।
आरएम साहब, कोई एक काम बताओ जो आपने किया हो
बैठक के दौरान मंत्री ने गाजियाबाद ट्रोनिका सिटी के आरएम सीके मौर्या की जमकर क्लास लगाई। दरअसल, जमीन अधिग्रहण के सबसे ज्यादा लंबित मामले ट्रोनिका सिटी के हैं। किसानों ने मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा कर रखा है। मंत्री ने उनसे पूछा कि कोई एक काम बताओ जो समय पर किया हो। जवाब आया कई, तो मंत्री ने तंज कसा कि अगर आपने काम किया होता तो इतने मामले लंबित न होते। वहीं लॉजिस्टिक पार्क के नोडल अधिकारी अरविंद मोहन से लंबित पड़े एलओसी (लेटर ऑफ कंफर्ट) के बारे में जानकारी ली, तो वे सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें फटकार लगाते हुए बैठक में ही फाइल मंगाई। कहा कि 15 दिन में मामलों का निस्तारण किया जाए और रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए। बैठक में यूपीसीडा के सीईओ मयूर महेश्वरी, एसीईओ अस्मिता लाल, अभियंत्रण महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, आरएम राकेश झा, मयंक मंगल, अजय यादव, प्रबंधक सिविल संजय तिवारी, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी विजय स्वरूप, प्रशासनिक अधिकारी रिजवाना साहिद, वित्त नियंत्रक रमेश चंद्र निरंजन, महाप्रबंधक निधि राजेश परासर आदि उपस्थित रहे।
बुंदेलखंड, पूर्वांचल के लिए बनाएं विशेष योजना
बैठक में बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए विशेष योजना तैयार करने के साथ ही कई मसलों पर चर्चा हुई। इनमें जो इकाइयां चलकर बंद हो गईं, ट्रोनिका सिटी में कब्जा देने, आगरा के लेदर पार्क का विकास, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए विशेष योजना तैयार करने, उद्यमिता गोष्ठी में क्या मांग हुई, उसमें क्या-क्या किया गया, ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण, चालू इकाइयों का आरएम निरीक्षण करें, कितने भूखंडों पर कब्जा किया गया आदि मामले शामिल रहे।
एक महिला की फर्जीवाड़े की कहानी सुनाई
मंत्री ने बैठक के दौरान फर्जीवाड़े का उदाहरण देते हुए एक महिला उद्यमी कहानी सुनाई। बताया कि महिला पिछले कार्यकाल में होम्योपैथिक दवा सप्लाई के लिए टेंडर लेने आई थी। टेंडर के बदले वह 75 प्रतिशत तक कमीशन देने को तैयार थी। कमीशन इतना देगी, तो दवा कैसे सही बनाएगी, इसी शंका पर उसकी फैक्ट्री की जांच कराई। पता चला कि जिस कंपनी के नाम वह दवा बनाने का टेंडर लेना चाह रही थी, वास्तविकता में वहां कुछ था ही नहीं।
करीब तीन घंटे की समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने पत्रकारों से भी बातचीत की। पत्रकारों ने पूछा कि यूपीसीडा की करोड़ों की जमीन किसानों के कब्जे में है, उसे क्यों नहीं मुक्त करा पा रहे? इस पर मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अवैध कब्जों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। प्राधिकरण की जमीनों पर जहां-जहां पर कब्जे हैं, चिह्नित कर खाली कराए जाएंगे। बैकलॉक भर्ती घोटाले पर कहा कि फाइल कार्यालय मंगाई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पीएम को धृतराष्ट्र बताने वाले मौलाना तौकरी रजा पर होगी कार्रवाई
पत्रकारों ने मौलाना तौकीर रजा के पीएम मोदी को धृतराष्ट्र बताने वाले बयान पर सवाल किया तो मंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी की हिम्मत नहीं जो प्रधानमंत्री के बारे में गलत बोल सके। अगर उन्होंने धृतराष्ट्र कहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में कोई दूसरा इस तरह का बयान देने से पहले सोचे।
संविदा कर्मियों को किया जाए नियमित
यूपीसीडा कर्मचारी संयुक्त संघ के अध्यक्ष स्वराज श्रीवास्तव ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें संविदा कर्मियों को नियमित करने, कनिष्ठ सहायकों का ग्रेड पे 2000 से 2400 करने, कैशलेस इलाज और पेंशन देने की मांग की। इस दौरान मंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय, महामंत्री अरशद हलीम आदि उपस्थित रहे।