खनन की अनुमति खत्म, माफिया खोदते रहे मिट्टी, सीएम तक पहुंची मामले की जांच, फोन आने से मचा हड़कंप
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बृहस्पतिवार को इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन के जरिए जानकारी ली गई। इसके बाद से अधिकारियों और माफिया में खलबली मची है। मेट्रो यार्ड में मिट्टी की भराई के लिए सेन इंडिया एजेंसी को ठेका दिया गया है। खनन विभाग से इस एजेंसी को मिट्टी खनन के लिए तीन-तीन महीने की अनुमति मिली है।
यह अनुमति लगातार खनन के लिए नहीं है। इसके बावजूद माफिया दो अनुमतियों के बीच के अंतराल में भी जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। एजेंसी के अनुसार मिट्टी की जरूरत अभी भी है। लेकिन पहले की अपेक्षा यह आधी रह गई है।
अनुमति की अवधि में खेल करके माफिया ने सैकड़ों बीघा खेतिहर जमीन को अवैध खनन से तालाब बना डाला है। अब न तो यहां खेती हो सकती है और न ही समतलीकरण। इस मामले में खनन विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। फिलहाल, जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगी।
मेट्रो को मिट्टी खनन के लिए अलग-अलग समय में तीन-तीन महीने की अनुमति दी गई थी। दो अनुमति के बीच की अवधि में कौन खनन कर रहा है इसकी जानकारी नहीं है।
अजय यादव, खनन अधिकारी
खनन का मामला काफी गंभीर है। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच शुरू की जा रही है। अवैध खनन करने वाले और सरकारी विभाग से जुड़े व्यक्ति कौन हैं, जांच में सामने आएगा।
डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, जिलाधिकारी