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Kanpur News: गोकशी में पकड़े गए आरोपी के चट्टे से रायपुरवा थाने में जाता था दूध
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कानपुर। जूही में रविवार देर रात पकड़े गए गोकशी के चार आरोपियों में देवनगर का श्याम तिवारी भी शामिल है। इलाके में उसका चट्टा है। वह यहीं से रायपुरवा थाने में दूध की आपूर्ति करता था। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि रात को जब वह तीनों गोवंश लेकर जाते थे तो उन पर कोई शक न करे ऐसे में वह खास रंग का गमछा डालकर उनके साथ चलता था। रास्ते में किसी के पूछने पर चट्टे पर ले जाने की बात कहकर सुनसान जगह पर ले जाकर पशु का वध कर दिया जाता था।
डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि गोकशी के आरोपियों के आने की सूचना पर जूही यार्ड में घेराबंदी की गई थी। रविवार देर रात गोवंश के साथ चार लोग आते दिखे। टोकने पर दो मौके से भाग निकले जबकि दो को पुलिस ने दबोच लिया। मौके से पकड़े गए आरोपियों में चमनगंज के घोसियाना निवासी मो. अमीर और रायपुरवा के देवनगर निवासी श्यामजी तिवारी शामिल थे। भागे हुए आरोपियों में जूही के परमपुरवा निवासी सगे भाई चांद आलम और रेहान उर्फ सद्दाम को स्वदेशी मिल कंपाउंड में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चांद और रेहान का तीसरा भाई महफूज हिस्ट्रीशीटर है। उसकी जूही में मीट की दुकान है। फिलहाल वह भागा हुआ है। वहीं, मो. आमिर श्याम तिवारी के चट्टे पर दूध दुहाई का काम करता था। वह बिचौलिये की भूमिका निभाता था। उसने एक गोवंश पर 500 रुपये दिए जाने की बात कबूली है। वही इलाकों से अन्ना और सस्ते गोवंश आरोपी भाइयों तक पहुंचाता था। इन गोवंशों का सुनसान क्षेत्रों में वध कर मीट दुकान से बेचा जाता था।
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पुलिस ने मो. आमिर, श्याम और चांद आलम को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। रेहान उर्फ सद्दाम का हैलट में इलाज चल रहा है। आरोपियों के खिलाफ घाटमपुर में भी गोकशी का मामला दर्ज है।
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डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि गोकशी के आरोपियों के आने की सूचना पर जूही यार्ड में घेराबंदी की गई थी। रविवार देर रात गोवंश के साथ चार लोग आते दिखे। टोकने पर दो मौके से भाग निकले जबकि दो को पुलिस ने दबोच लिया। मौके से पकड़े गए आरोपियों में चमनगंज के घोसियाना निवासी मो. अमीर और रायपुरवा के देवनगर निवासी श्यामजी तिवारी शामिल थे। भागे हुए आरोपियों में जूही के परमपुरवा निवासी सगे भाई चांद आलम और रेहान उर्फ सद्दाम को स्वदेशी मिल कंपाउंड में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि चांद और रेहान का तीसरा भाई महफूज हिस्ट्रीशीटर है। उसकी जूही में मीट की दुकान है। फिलहाल वह भागा हुआ है। वहीं, मो. आमिर श्याम तिवारी के चट्टे पर दूध दुहाई का काम करता था। वह बिचौलिये की भूमिका निभाता था। उसने एक गोवंश पर 500 रुपये दिए जाने की बात कबूली है। वही इलाकों से अन्ना और सस्ते गोवंश आरोपी भाइयों तक पहुंचाता था। इन गोवंशों का सुनसान क्षेत्रों में वध कर मीट दुकान से बेचा जाता था।
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पुलिस ने मो. आमिर, श्याम और चांद आलम को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। रेहान उर्फ सद्दाम का हैलट में इलाज चल रहा है। आरोपियों के खिलाफ घाटमपुर में भी गोकशी का मामला दर्ज है।