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मिलिट्री इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने सेना में फर्जी नौकरी दिलाने वाले को दबोचा, कई नियुक्ति पत्र भी बरामद
Mon, 28 Dec 2020 02:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 28 Dec 2020 02:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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मिलिट्री इंटेलीजेंस और एसटीएफ की टीम ने मिलिट्री कैंटिन और मेस में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले जालसाज को सर्विलांस की मदद से दबोच लिया। आरोपी ने कई बेरोजगारों को नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था। टीम ने उसके पास से कई फर्जी नियुक्ति पत्र भी बरामद किए हैं। एसटीएफ ने आरोपी को कैंट पुलिस के हवाले किया है।
आरोपी की पहचान फैजुल्लागंज, आजाद नगर (लखनऊ) निवासी अभय सोनी केरूप में हुई है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अभय सोनी फेसबुक से लोगों से दोस्ती करता था। उसके बाद फेसबुक से मोबाइल नंबर लेकर चैटिंग कर नौकरी तलाशने वालों की लिस्ट तैयार करता था।
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आरोपी की पहचान फैजुल्लागंज, आजाद नगर (लखनऊ) निवासी अभय सोनी केरूप में हुई है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अभय सोनी फेसबुक से लोगों से दोस्ती करता था। उसके बाद फेसबुक से मोबाइल नंबर लेकर चैटिंग कर नौकरी तलाशने वालों की लिस्ट तैयार करता था।
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इसके बाद उन्हें मिलिट्री कैंटीन, मेस और अधिकारियों के घर में फॉलोवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके रुपये ऐंठता था। इसके बाद उन्हें भर्जी नियुक्तिपत्र थमा देता था। इसका खुलासा तब हुआ जब कैंट कार्यालय में ऐसे कई नियुक्ति पत्र पहुंचे। इसके बाद इसकी जांच मिलिट्री इंटेलिजेंस को सौंपी गई थी।
इसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ की टीम को लगाया गया। एसटीएफ की टीम ने उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ ही उसका बैंक डिटेल भी खंगाला। जिसमें लगाया गया आधार कार्ड, निर्वाचन प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला।
एसटीएफ की टीम ने जब उसका नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। फिर एसटीएफ ने फेसबुक केजरिए नौकरी के लिए उससे संपर्क कर किया। उसके कॉल करते ही एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंट की टीम ने उसके दबोच लिया। एटीएफ और मिलिट्री इंजेलिजेंस की टीम ने पूछताछ के बाद उसे कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ की टीम को लगाया गया। एसटीएफ की टीम ने उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ ही उसका बैंक डिटेल भी खंगाला। जिसमें लगाया गया आधार कार्ड, निर्वाचन प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला।
एसटीएफ की टीम ने जब उसका नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। फिर एसटीएफ ने फेसबुक केजरिए नौकरी के लिए उससे संपर्क कर किया। उसके कॉल करते ही एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंट की टीम ने उसके दबोच लिया। एटीएफ और मिलिट्री इंजेलिजेंस की टीम ने पूछताछ के बाद उसे कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।