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30 साल पुराना पेड़ बचाने के लिए बदली मेट्रो की डिजाइन, मेडिकल कॉलेज कैंपस में एलिवेटेड फ्लाईओवर के सामने था
Thu, 10 Jun 2021 08:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 10 Jun 2021 08:24 PM IST
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कानपुर में तैयार मेट्रो ट्रैक
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने हरा पेड़ बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज कैंपस में मेट्रो के एलिवेटेड फ्लाईओवर की डिजाइन में फेरबदल किया है। पेड़ की जगह पर बनने वाले पिलर को थोड़ा शिफ्ट कर फ्लाईओवर तैयार किया गया है।
मेट्रो निर्माण के दौरान पहली बार इस तरह का प्रयास कर पेड़ को बचाया गया। यूपीएमआरसी आईआईटी से मोतीझील होते हुए बृजेंद्र स्वरूप पार्क तक एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। मेडिकल कॉलेज कैंपस में गोल चौराहे के पास स्थित ब्रह्मदेव मंदिर परिसर में लगा पाकड़ का 30 साल पुराना पेड़ फ्लाईओवर के आड़े आ रहा था।
पेड़ के तने का व्यास ढाई मीटर है। मेट्रो के इंजीनियरों ने इस पेड़ को बचाने के लिए यहां बनने वाले पिलर को दूसरी जगह खड़ा किया। यह पेड़ फ्लाईओवर के पिलर नंबर 230-231 के बीच में है। मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि इस पेड़ की सिर्फ दो डालें ही काटकर फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया।
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मेट्रो निर्माण के दौरान पहली बार इस तरह का प्रयास कर पेड़ को बचाया गया। यूपीएमआरसी आईआईटी से मोतीझील होते हुए बृजेंद्र स्वरूप पार्क तक एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। मेडिकल कॉलेज कैंपस में गोल चौराहे के पास स्थित ब्रह्मदेव मंदिर परिसर में लगा पाकड़ का 30 साल पुराना पेड़ फ्लाईओवर के आड़े आ रहा था।
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पेड़ के तने का व्यास ढाई मीटर है। मेट्रो के इंजीनियरों ने इस पेड़ को बचाने के लिए यहां बनने वाले पिलर को दूसरी जगह खड़ा किया। यह पेड़ फ्लाईओवर के पिलर नंबर 230-231 के बीच में है। मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि इस पेड़ की सिर्फ दो डालें ही काटकर फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया।
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