{"_id":"56eefc284f1c1bf425f154fa","slug":"met-friend-in-after-marride","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधवा, विधुर, तलाकशुदा भी पाएंगे जीवनसाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधवा, विधुर, तलाकशुदा भी पाएंगे जीवनसाथी
कानपुर
Updated Mon, 21 Mar 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
‘अमर उजाला’ के आफिस में हुई बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कानपुर। ‘अमर उजाला’ की पहल पर विधवा, विधुर और तलाकशुदा लोगों का सामूहिक विवाह कराने की एक अनूठी पहल का आगाज हुआ है। शहर में सामूहिक विवाह का आयोजन करने वाली विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ‘अमर उजाला’ आफिस, फजलगंज में रविवार को हुई बैठक में जीवन पथ पर अकेले चल रहे सभी जाति- धर्म के लोगों के लिए यह अनूठा आयोजन करने का फैसला किया गया।
बैठक में संस्थाओं के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और इस अनूठे आयोजन में हिस्सा लेने के लिए खूब उत्साह दिखाया। संस्थाओं ने आयोजन की रणनीति तय की और सुझाव दिए कि वे संस्था के माध्यम से ऐसे जोड़ों का रजिस्ट्रेशन करेंगी और उनकी जांच-पड़ताल करके फाइनल सूची तैयारी करेंगी। सुझाव यह भी आया कि संस्थाओं के पदाधिकारी स्वयं अपने-अपने समाज में जाकर विधवा, विधुर, तलाकशुदा और उम्रदराज अविवाहित महिला-पुरुषों और उनके परिवार से संपर्क करेंगे, ताकि ऐसे लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और समाज की रूढ़िवादी बेड़ियां काटकर नया जीवन जी सकें। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस काम में वे अपने समाज के वृद्ध और संभ्रांत लोगों से भी मदद लेंगे ताकि तलाकशुदा और विधवा या विदुर लड़के-लड़कियों के पुन: विवाह में संकोच महसूस कर रहे परिवार खुल कर सामने आएं। बैठक में तय हुआ कि जो लोग विवाह करना चाहते हैं वे संस्थाओं के नंबर पर सूचित करें और अपनी पूरी जानकारी संस्था के पास जमा करा दें। विवाह कार्यक्रम के सिलसिले में अगली बैठक जल्द बुलाई जाएगी।
बैठक में संस्थाओं के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और इस अनूठे आयोजन में हिस्सा लेने के लिए खूब उत्साह दिखाया। संस्थाओं ने आयोजन की रणनीति तय की और सुझाव दिए कि वे संस्था के माध्यम से ऐसे जोड़ों का रजिस्ट्रेशन करेंगी और उनकी जांच-पड़ताल करके फाइनल सूची तैयारी करेंगी। सुझाव यह भी आया कि संस्थाओं के पदाधिकारी स्वयं अपने-अपने समाज में जाकर विधवा, विधुर, तलाकशुदा और उम्रदराज अविवाहित महिला-पुरुषों और उनके परिवार से संपर्क करेंगे, ताकि ऐसे लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और समाज की रूढ़िवादी बेड़ियां काटकर नया जीवन जी सकें। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस काम में वे अपने समाज के वृद्ध और संभ्रांत लोगों से भी मदद लेंगे ताकि तलाकशुदा और विधवा या विदुर लड़के-लड़कियों के पुन: विवाह में संकोच महसूस कर रहे परिवार खुल कर सामने आएं। बैठक में तय हुआ कि जो लोग विवाह करना चाहते हैं वे संस्थाओं के नंबर पर सूचित करें और अपनी पूरी जानकारी संस्था के पास जमा करा दें। विवाह कार्यक्रम के सिलसिले में अगली बैठक जल्द बुलाई जाएगी।
विज्ञापन