UP: पांच साल से मानसिक मंदित महिला कमरे में कैद, पड़ोसी करते हैं बेटी का पालन-पोषण, बोली- भइया को मार दिया था
Hardoi News: सांडी थानाध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने बताया कि जांच कराई गई है। एक कमरे में महिला बंद मिली, जो काफी दिनों से बंद हैं। पड़ोस में रहने से बने रिश्ते की महिला खाने-पीने की व्यवस्था करती है।
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हरदोई जिले में सांडी कस्बे के मोहल्ला मुंशी में मानसिक मंदित महिला को पांच साल से एक कमरे में कैद कर रखा गया है। महिला की पुत्री की पालन-पोषण पड़ोसी करते हैं। महिला के लिए भोजन, कपड़ा आदि की भी व्यवस्था भी पड़ोसियों की ओर से ही की जाती है।
जानकारी के अनुसार, कस्बा के मोहल्ला मुंशीगंज में कमरे में कैद महिला का नाम रोली कश्यप है। मोहल्लावासियों ने बताया कि रोली के पति राजेश कश्यप उर्फ तोड़े की मौत शराब के नशे में हुए विवाद में मोहल्ला नौशहरा में लोगों की पिटाई से हो गई थी।
पति की मौत के बाद से रोली मानसिक रूप से बीमार हो गई। मानसिक बीमार होने के बाद रोली ने अपने ही आठ माह के पुत्र को चूल्हे में फेंक दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। कमरे में कैद महिला जेल से भी बदतर जीवन गुजारने को मजबूर है।
कई-कई दिनों तक नहीं बदले जाते हैं कपड़े
इसी कमरे ही उसे सोना, खाना-पीना व शौच आदि करना पड़ रहा है। यहां तक कि कपड़े भी कई-कई दिनों तक नहीं बदले जाते हैं। महिला स्वयं को इंटर पास बता रही है और भूखी-प्यासी होने की भी बात कही है। अपना मायका शाहजहांपुर में बताया है।
बेटी का पालन-पोषण कर रहे हैं पड़ोसी
पड़ोसी गीता ने बताया कि बेटे को चूल्हे की राख में डाल देने और मोहल्ले में लोगों को परेशान करने के कारण उसे कमरे में बंद कर रखा गया है। समय से खाना-पीना दिया जाता है। रोली की पुत्री रेखा है, जो कक्षा छह में विश्व बंधु इंटर कॉलेज में पढ़ती है। इसका खर्च व पालन-पोषण वह स्वयं उठाती हैं।
गीता को मम्मी कहती है रेखा
रोली की पुत्री रेखा ने बताया कि वह काफी छोटी थी, तब से मां कमरे में बंद हैं। वह पागल हैं। भइया को मार दिया था। पढ़ाई, खाना-पीना बड़ी मम्मी (गीता) कराती हैं। बिलग्राम एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है।
थानाध्यक्ष बोले- जांच कराई गई है
महिला को उपचार के लिए भिजवाया जाएगा। सांडी थानाध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने बताया कि जांच कराई गई है। एक कमरे में महिला बंद मिली, जो काफी दिनों से बंद है। पड़ोस में रहने से बने रिश्ते की महिला खाने-पीने की व्यवस्था करती है और बेटी को भी संभाल रही है।