फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Memorandum submitted demanding the withdrawal of the University Grants Commission's 'draconian law'.

Kanpur News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का काला कानून वापस लेने के लिए सौंपा ज्ञापन

Sat, 26 Sep 2026 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 26 Sep 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
Memorandum submitted demanding the withdrawal of the University Grants Commission's 'draconian law'.
कानपुर देहात। जय बाबा कामतानाथ विप्र संगठन के बैनर तले शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारियों ने संस्थापक के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंच राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित संशोधन अधिसूचना को तत्काल वापस लेने, 80 वर्ष से चली आ रही आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को समाप्त करने की मांग की गई।
विज्ञापन

संगठन के संस्थापक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सरवनखेड़ा उमेश त्रिवेदी ज्ञापन देते हुए कहा कि यह संशोधित विनियम भेदभाव मिटाने के नाम पर देश को दशकों पीछे धकेलने वाला है। देश अब जातीय भेदभाव से बाहर निकलकर आगे बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार का कानून निंदनीय है। कहा कि सामान्य वर्ग का परिवार अपना सब कुछ गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ाता है लेकिन सरकारें वोट बैंक के लिए जाति-पाति को बढ़ावा दे रही हैं।
विज्ञापन

मेधावी छात्र अच्छे अंक लाकर भी सरकारी सेवा से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनमें कुंठा बढ़ रही है। यहां संगठन के प्रमुख पदाधिकारी जिला बार एसोसिएशन माती मुख्यालय के अध्यक्ष अरुण अवस्थी, महामंत्री अरविंद कुशवाहा व पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, महामंत्री प्रशांत शुक्ला, मंत्री मनीष अवस्थी, ओमजी पाठक, अधिवक्ता रोहित शुक्ला, अंकित मिश्रा, पचलख के पूर्व प्रधान जगदीश तिवारी आदि मौजूद रहे।त
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed