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दो सुसाइड नोट लिखकर सभासद ने लगाई फांसी, सीएम और डीएम को बताई ये वजह
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 10 Dec 2017 08:13 PM IST
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सुसाइड नोट, रोते बिलखते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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गरीबी और तंगहाली से परेशान नवनिर्वाचित सभासद ने रविवार को घर पर पंखे के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से पाए गए डीएम और सीएम को लिखे दो सुसाइड नोट में आत्महत्या करने के कारण का जिक्र किया गया है ।
महोबा जिले के चरखारी में छोटा रमना मोहाल निवासी लालता प्रसाद अहिरवार 42 पुत्र कालीचरण अहिरवार को मेला ग्राउंड में स्थित काशीराम मिल जाने के कारण वह बच्चों के साथ कालोनी में रहता था। उसके तीन बच्चे है। सबसे बड़ा बेटा अमित अहिरवार 17, रचना 13 और अंकित 10 है। दोनों छोटे बच्चे परिषदीय विद्यालय में कक्षा 6 और 3 तीन में पढ़ते है।
लालता प्रसाद समाचार पत्र बांटकर परिवार चलाता था। उसके पास लाल राशन कार्ड भी है। लेकिन कार्ड से मिलने वाले खाद्यान्न से तीन बच्चों का पालन पोषण न कर पाने के कारण वह खासा परेशान रहता था। 7 साल पहले उसकी पत्नी भी मर चुकी थी। हाल ही में हुए निकाय चुनाव में लालता प्रसाद अहिरवार ने छोटा रमना वार्ड आरक्षित सीट से सभासद का चुनाव समाजवादी पार्टी से लड़ा और जीत दर्ज की।
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रविवार को उसके बच्चे कस्बे के ही छोटा रमना निवासी चचेरे भाई मोहनलाल के यहां चले गए थे। तभी उसने एकांत पाकर पंखे के हुक में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कई घंटे तक घर के दरवाजे न खुलने पर पड़ोसी मित्र ने बुलाया कोई आवाज न आने पर कालोनी के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर देखा तो शव लटका मिला। मृतक की जेब से पुलिस ने डीएम और सीएम को लिखे सुसाइड नोट भी बरामद किए। सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे बच्चे बहुत गरीब है। खाने तक के लिए परिश्रम करते है मेरे बच्चों की सहायता करे। घटना की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक वंशराज यादव ने घटना स्थल का निरीक्षण कर जायजा लिया।
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महोबा जिले के चरखारी में छोटा रमना मोहाल निवासी लालता प्रसाद अहिरवार 42 पुत्र कालीचरण अहिरवार को मेला ग्राउंड में स्थित काशीराम मिल जाने के कारण वह बच्चों के साथ कालोनी में रहता था। उसके तीन बच्चे है। सबसे बड़ा बेटा अमित अहिरवार 17, रचना 13 और अंकित 10 है। दोनों छोटे बच्चे परिषदीय विद्यालय में कक्षा 6 और 3 तीन में पढ़ते है।
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लालता प्रसाद समाचार पत्र बांटकर परिवार चलाता था। उसके पास लाल राशन कार्ड भी है। लेकिन कार्ड से मिलने वाले खाद्यान्न से तीन बच्चों का पालन पोषण न कर पाने के कारण वह खासा परेशान रहता था। 7 साल पहले उसकी पत्नी भी मर चुकी थी। हाल ही में हुए निकाय चुनाव में लालता प्रसाद अहिरवार ने छोटा रमना वार्ड आरक्षित सीट से सभासद का चुनाव समाजवादी पार्टी से लड़ा और जीत दर्ज की।
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रविवार को उसके बच्चे कस्बे के ही छोटा रमना निवासी चचेरे भाई मोहनलाल के यहां चले गए थे। तभी उसने एकांत पाकर पंखे के हुक में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कई घंटे तक घर के दरवाजे न खुलने पर पड़ोसी मित्र ने बुलाया कोई आवाज न आने पर कालोनी के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर देखा तो शव लटका मिला। मृतक की जेब से पुलिस ने डीएम और सीएम को लिखे सुसाइड नोट भी बरामद किए। सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे बच्चे बहुत गरीब है। खाने तक के लिए परिश्रम करते है मेरे बच्चों की सहायता करे। घटना की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक वंशराज यादव ने घटना स्थल का निरीक्षण कर जायजा लिया।