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ई-संचरण, ऑनलाइन का विरोध
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 23 May 2015 02:40 AM IST
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सेल्स टैक्स कार्यालय में शुक्रवार को हुई ‘व्यापार बंधु’ की बैठक में व्यापारियों ने जून से लागू होने वाली ‘ई-संचरण’ और 50 लाख रुपये सालाना कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए ‘ऑनलाइन’ व्यवस्था का विरोध किया है। मांग रखी कि 50 लाख की लिमिट को बढ़ा कर ढाई करोड़ किया जाए।
उधर, बैठक में हमराज कॉप्लैक्स के व्यापारी का प्लेन पॉलीस्टर कपड़ा न छोड़े जाने और व्यापारियों का रिफंडेबल एडवांस वैट वापस न होने पर भी नाराजगी जताई। सभी मामलों में एडिशनल कमिश्नर वीके राय ने सकारात्मक आश्वासन दिया। वीके राय ने बताया कि व्यापारियों को ईं-संचरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है।
पर, इस ऑनलाइन सिस्टम को लेकर व्यापारी राजी नहीं हुए। व्यापारियों ने कहा कि बाजार में कई व्यापारी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। 70 फीसदी व्यापारियों के पास कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं है। किराना, गिट्टी, मौरंग, कपड़ा, सोना-चांदी और तमाम बाजारों में हर दूसरा व्यापारी 50 लाख रुपये सालाना से अधिक कारोबार कर रहा है।
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ऐसे में यह व्यवस्था कारोबार चौपट कर देगी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन सुरेंद्र सनेजा और महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने 50 लाख की लिमिट ढाई करोड़ रुपये के साथ ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। चाय व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम अग्रहरि ने भी बिना विभागीय प्रचार प्रसार के इसे लागू करने पर विरोध जताया।
बैठक में डीम्ड असिसमेंट (समय से फार्म 26 भरना देना) के मामले पर भी सवाल उठे। युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम शुक्ला ने बिलिंग से पहले विभागीय छापेमारी का विरोध किया।
मौरंग गिट्टी ट्रक आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप अवस्थी गाड़ियों की ओवर लोडिंग रोकने की मांग की। बैठक में राजे गुप्ता, पप्पू त्रिवेदी, निखिल रुइया, ज्ञान दत्त वर्मा लोहा व्यापारी और चंद्र प्रकाश ओमर सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
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उधर, बैठक में हमराज कॉप्लैक्स के व्यापारी का प्लेन पॉलीस्टर कपड़ा न छोड़े जाने और व्यापारियों का रिफंडेबल एडवांस वैट वापस न होने पर भी नाराजगी जताई। सभी मामलों में एडिशनल कमिश्नर वीके राय ने सकारात्मक आश्वासन दिया। वीके राय ने बताया कि व्यापारियों को ईं-संचरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है।
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पर, इस ऑनलाइन सिस्टम को लेकर व्यापारी राजी नहीं हुए। व्यापारियों ने कहा कि बाजार में कई व्यापारी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। 70 फीसदी व्यापारियों के पास कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं है। किराना, गिट्टी, मौरंग, कपड़ा, सोना-चांदी और तमाम बाजारों में हर दूसरा व्यापारी 50 लाख रुपये सालाना से अधिक कारोबार कर रहा है।
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ऐसे में यह व्यवस्था कारोबार चौपट कर देगी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन सुरेंद्र सनेजा और महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने 50 लाख की लिमिट ढाई करोड़ रुपये के साथ ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। चाय व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम अग्रहरि ने भी बिना विभागीय प्रचार प्रसार के इसे लागू करने पर विरोध जताया।
बैठक में डीम्ड असिसमेंट (समय से फार्म 26 भरना देना) के मामले पर भी सवाल उठे। युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम शुक्ला ने बिलिंग से पहले विभागीय छापेमारी का विरोध किया।
मौरंग गिट्टी ट्रक आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप अवस्थी गाड़ियों की ओवर लोडिंग रोकने की मांग की। बैठक में राजे गुप्ता, पप्पू त्रिवेदी, निखिल रुइया, ज्ञान दत्त वर्मा लोहा व्यापारी और चंद्र प्रकाश ओमर सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।