{"_id":"68f6780c5ac3937b230f7b39","slug":"medantrik-a-startup-that-detects-lung-disease-with-a-single-blow-receives-a-kickstarter-award-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1303762-2025-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: एक फूंक से फेफड़ों की बीमारी बताने वाले स्टार्टअप मेदांत्रिक को किकस्टार्टर अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: एक फूंक से फेफड़ों की बीमारी बताने वाले स्टार्टअप मेदांत्रिक को किकस्टार्टर अवार्ड
विज्ञापन
कानपुर। एक फूंक से फेफड़ों की बीमारी बताने वाले आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप मेदांत्रिक को बीएफआई-बायोमी कोहार्ट 2025 इनोवेशन प्रोग्राम में किकस्टार्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड मेडटेक एवं हेल्थ केयर कैटेगरी में मिला है।
इस कैटेगरी में संस्थान के एक और स्टार्टअप रिप्पल हेल्थकेयर को भी अवार्ड मिला है। आईआईटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) के प्रोफेसर इन चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने विजेताओं को बधाई दी है।
पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी फेफड़े खराब हो रहे हैं। इसे देखते हुए आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप मेदांत्रिक के फाउंडर प्रियरंजन तिवारी ने इनहेलर की तरह का एक उपकरण विकसित किया है। इसमें एक फूंक मारते ही फेफड़ों के स्वास्थ्य की रिपोर्ट आपके मोबाइल पर मिल जाएगी।
विज्ञापन
इससे यह पता चल जाएगा कि आपके फेफड़ों की स्थिति क्या है। जिस प्रकार से स्वास्थ्य रोगी इनहेलर का इस्तेमाल करके दवा लेते हैं उसी तरीके से यह डिवाइस काम करती है। इसको जब कोई व्यक्ति अपने मुंह पर लगाकर तेजी से फूंक मारेगा तो लगभग 50 सेकेंड में यह रिपोर्ट दे देगी। यह डिवाइस नेबुलाइजर और एक्सरसाइजर के रूप में भी काम करेगी।
डिवाइस को फोन से जोड़ने के बाद उसके एप में आपको अपनी जानकारी देनी होगी। नाम, उम्र, वजन, लंबाई की डिटेल भरनी होगी। अगर आप सिगरेट या कोई नशा करते हैं तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद स्वस्थ फेफड़ों की तुलना में आपकी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
प्रियरंजन ने बताया कि इस डिवाइस की मदद से व्यक्ति को जल्दी और आसानी से रिपोर्ट मिलेगी तो वह समय से इलाज करा सकेगा। इस डिवाइस का क्लीनिकल ट्रायल जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत दिल्ली के कई प्रमुख अस्पतालों में हुआ है। उन्होंने कहा कि यह मार्केट में करीब 6000 रुपये की कीमत पर उपलब्ध होगी। एक बार खरीदने पर पूरी लाइफ साथ में रहेगी।
विज्ञापन
इस कैटेगरी में संस्थान के एक और स्टार्टअप रिप्पल हेल्थकेयर को भी अवार्ड मिला है। आईआईटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) के प्रोफेसर इन चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने विजेताओं को बधाई दी है।
विज्ञापन
पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी फेफड़े खराब हो रहे हैं। इसे देखते हुए आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप मेदांत्रिक के फाउंडर प्रियरंजन तिवारी ने इनहेलर की तरह का एक उपकरण विकसित किया है। इसमें एक फूंक मारते ही फेफड़ों के स्वास्थ्य की रिपोर्ट आपके मोबाइल पर मिल जाएगी।
विज्ञापन
इससे यह पता चल जाएगा कि आपके फेफड़ों की स्थिति क्या है। जिस प्रकार से स्वास्थ्य रोगी इनहेलर का इस्तेमाल करके दवा लेते हैं उसी तरीके से यह डिवाइस काम करती है। इसको जब कोई व्यक्ति अपने मुंह पर लगाकर तेजी से फूंक मारेगा तो लगभग 50 सेकेंड में यह रिपोर्ट दे देगी। यह डिवाइस नेबुलाइजर और एक्सरसाइजर के रूप में भी काम करेगी।
डिवाइस को फोन से जोड़ने के बाद उसके एप में आपको अपनी जानकारी देनी होगी। नाम, उम्र, वजन, लंबाई की डिटेल भरनी होगी। अगर आप सिगरेट या कोई नशा करते हैं तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद स्वस्थ फेफड़ों की तुलना में आपकी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
प्रियरंजन ने बताया कि इस डिवाइस की मदद से व्यक्ति को जल्दी और आसानी से रिपोर्ट मिलेगी तो वह समय से इलाज करा सकेगा। इस डिवाइस का क्लीनिकल ट्रायल जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत दिल्ली के कई प्रमुख अस्पतालों में हुआ है। उन्होंने कहा कि यह मार्केट में करीब 6000 रुपये की कीमत पर उपलब्ध होगी। एक बार खरीदने पर पूरी लाइफ साथ में रहेगी।