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Kanpur News: एमडीआर शुल्क से व्यापारियों की जेब कटेगी, कंपनियों की भरेगी

Thu, 08 Oct 2026 02:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:37 AM IST
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MDR charges will hit merchants' pockets and line companies' coffers.
कानपुर। यूपीआई के जरिये दो हजार रुपये से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर 15 अक्तूबर से प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के खिलाफ व्यापारियों का विरोध बढ़ता जा रहा है। व्यापार संगठनों का अनुमान है कि इससे शहर के कारोबारियों पर सालाना 100 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ पड़ सकता है। वहीं यूपीआई कंपनियों की जेब भर जाएगी।
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कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि कानपुर में सोना-चांदी, कपड़ा, किराना, मेवा, लोहा समेत विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर थोक और फुटकर कारोबार होता है। शहर में प्रतिदिन एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन होने का अनुमान है। फुटकर बाजारों में दो हजार रुपये से अधिक के लेन-देन बड़ी संख्या में होते हैं, इसलिए प्रस्तावित शुल्क का सीधा असर व्यापारियों पर पड़ेगा।
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उन्होंने बताया कि एमडीआर केवल दो हजार रुपये से अधिक के प्रत्येक व्यापारिक पेमेंट पर लागू होगा, न कि व्यापारी को एक दिन में मिले कुल यूपीआई भुगतान पर। वहीं, बैंक खाते में हर महीने यूपीआई के जरिये एक लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले व्यापारियों को एमडीआर से छूट रहेगी। शुल्क व्यापारी के खाते से कटेगा और ग्राहक से अलग से वसूल नहीं किया जा सकेगा।
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अरोड़ा के अनुसार शहर में विभिन्न ट्रेडों में पांच लाख से अधिक व्यापारी-कारोबारी हैं, जिनका रोज लाखों रुपये का ऑनलाइन लेन-देन होता है। इससे एक व्यापारी पर महीने में हजारों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने वित्तमंत्री से मिलकर इसे त्योहारों के बाद तक स्थगित करने और पहले पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है।


कानपुर उद्योग व्यापार मंडल उत्तर के अध्यक्ष सुनील बाजाज और प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग बैंक शाखाओं की ओर से व्यापारियों को भेजे जा रहे संदेशों में दो हजार रुपये से अधिक के लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क, अधिकतम 300 रुपये तक लगाए जाने की जानकारी दी जा रही है।
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