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Kanpur News: डीजीपी तक पहुंचा कथित अवैध नियुक्तियों का मामला
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कानपुर। ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज में कथित अवैध नियुक्तियों और नियुक्ति के नाम पर धनराशि मांगने के आरोपों का मामला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय तक पहुंच गया है। मंगलवार को कॉलेज के स्ववित्तपोषित कंप्यूटर ऑपरेटर शशांक शुक्ला ने डीजीपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत के साथ मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
शशांक शुक्ला का आरोप है कि स्थायी नियुक्ति के लिए उनसे धनराशि ली गई। बाद में कथित तौर पर और रकम की मांग की गई। उन्होंने इस संबंध में हुई बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी है। शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, जिससे उसकी प्रामाणिकता और बातचीत की तकनीकी पुष्टि हो सके।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत की ओर से कानपुर कमिश्नरी के डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कुछ नियुक्तियों में नाते-रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया। प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं। शिकायतकर्ता पिछले कई सालों से जगह जगह जाकर मनगढ़ंत तरीके से शिकायत कर रहे हैं। इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
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शशांक शुक्ला का आरोप है कि स्थायी नियुक्ति के लिए उनसे धनराशि ली गई। बाद में कथित तौर पर और रकम की मांग की गई। उन्होंने इस संबंध में हुई बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी है। शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, जिससे उसकी प्रामाणिकता और बातचीत की तकनीकी पुष्टि हो सके।
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शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत की ओर से कानपुर कमिश्नरी के डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कुछ नियुक्तियों में नाते-रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया। प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं। शिकायतकर्ता पिछले कई सालों से जगह जगह जाकर मनगढ़ंत तरीके से शिकायत कर रहे हैं। इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
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