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तेल का खेल: बेईमानी के तेल के पीछे कई और बेईमान अफसर-बाबू, तीन जेई सहित पांच कर्मी हो चुके हैं निलंबित

Sat, 21 Aug 2021 12:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 21 Aug 2021 12:22 PM IST
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Many more unscrupulous officers-babu behind oil game, five personnel including three JEs have been suspended
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) में हुए डीजल घोटाले में कई अन्य अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। शासन ने प्राधिकरण के वित्त विभाग की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए केडीए वीसी अरविंद सिंह से एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब की है। इसमें घोटाले में लिप्त वित्त अफसरों, कर्मचारियों का नाम और पदनाम के साथ ब्योरा मांगा गया है।
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नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जलकल कर्मचारी समन्वय संघ के अध्यक्ष बचाऊ सिंह ने डेढ़ साल पहले तत्कालीन मंडलायुक्त से विकास प्राधिकरण में हो रहे डीजल घोटाले की शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। मंडलायुक्त की तरफ से कराई गई जांच में दिसंबर 2017 से दिसंबर 2019 के बीच 2.15 करोड़ रुपये के डीजल घोटाले की पुष्टि हुई।
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इस मामले में शासन ने चार दिन पहले घोटाला अवधि में विकास प्राधिकरण के केयरटेकर रहे तीन अवर अभियंताओं असद अली सिद्दीकी, रवींद्र प्रकाश, कर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था, जबकि दो अन्य कर्मियों को निवर्तमान केडीए उपाध्यक्ष राकेश सिंह ने निलंबित किया था।
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बेनाझाबर स्थित पेट्रोल पंप मेसर्स इंजीनियर्स सर्विस स्टेशन के संचालक शैलेंद्र अग्रवाल, अधिकारियों आदि की भी मिलीभगत बताते हुए केडीए के केयरटेकर एसडी तिवारी ने पौने दो महीने पहले स्वरूपनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।

आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-9 के उप सचिव अजय कुमार सिंह ने दोषी अफसरों और कर्मियों की सूची मांगी है। उप सचिव के अनुसार केडीए का लेखा विभाग प्राधिकरण परिसर में ही है।

लेखा विभाग को भी जानकारी रहती होगी कि बिजली की आपूर्ति कितनी अवधि के लिए बाधित रही और जनरेटर चालू करने की अवधि कितनी दर्शायी जाती रही? डीजल आपूर्ति का भुगतान कितनी अवधि का किया जा रहा है? क्या लेखा विभाग ने इस संबंध में कभी कोई आपत्ति दर्ज की? क्या लेखा विभाग उस भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं है? शासन ने इस संबंध में वीसी से स्पष्ट रिपोर्ट एक हफ्ते में तलब की है।
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