बेटे के जाने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है, किससे बात कर रही है, जांच कहां तक पहुंची। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं रहती है। आज दोपहर में अखबार में पढ़ा तब पता चला कि बेटे के हत्यारों की रिहाई भी हो गई है। समझ नहीं आता क्या रिपोर्ट अधिकारियों ने लगाई।
मैं तो अकेला व्यक्ति कुछ कर भी नहीं सकता। मेरी सुनने वाला ही अब कौन बचा है। यह बात आंखों में डबडबाते आंसू, रूंधे गले से कारोबारी मनीष गुप्ता के पिता नंद किशोर गुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में कही। गोरखपुर में 15 सितंबर 2021 को शहर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी।
मामले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच पुलिसकर्मी अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव, कमलेश यादव और प्रशांत कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया है। इनके ऊपर से हत्या की धारा भी हटा दी गई है। इससे न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम की पूछताछ के बाद एनेक्सी भवन से बाहर निकलते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
नंद किशोर गुप्ता ने कहा कि जब घटना के वक्त सभी पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे, तो ऐसे में उन्हें रिहा क्यों किया गया। इतना कहते ही वह रो पड़े। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से बहू मीनाक्षी अपने घर चली गई। इसके बाद से किसी भी पुलिस अधिकारी ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।(घटना वाली रात होटल के कमरे में पूछताछ करते आरोपी पुलिसकर्मी)
- फोटो : अमर उजाला।
मेरा बेटा इस दुनिया से चला गया, अब दो बेटियां हैं, जो अपनी ससुराल में रहती हैं। उन्हें भी रोज-रोज परेशान करना ठीक नहीं है। मनीष की मौत के बाद पत्नी मीनाक्षी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। नंद किशोर के मुताबिक उस पैसे में एक रुपये भी उन्हें नहीं मिला।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने कानपुर एसआईटी से की पूछताछ।
- फोटो : अमर उजाला।
घटना के कुछ दिन बाद ही मीनाक्षी अपने मायके चली गई थी। वह अपना गुजर बसर करने के लिए पहले की तरह ही विजयनगर में सिलाई का काम कर रहे हैं। जो लड़के दुकान में काम करते हैं वही खाना खिला देते हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि अब तो ऐसा लगता है कि हमारा अंतिम संस्कार कौन करेगा।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने होटल कर्मचारी से की पूछताछ।
- फोटो : अमर उजाला।
नाती अभिराज को देखे बहुत दिन हो गए हैं। 27 सितंबर 2022 को मीनाक्षी, मनीष की बरसी करने के लिए थाने की फोर्स लेकर आई थी। ऐसा उसने क्यों किया मुझे नहीं पता। मुझसे किस बात का खतरा ? मैं तो खुद ही अकेला हूं और परिवार के साथ रहना चाहता हूं।