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मनीष गुप्ता हत्याकांड: जांच से पहले मिटा दिए थे कई साक्ष्य, अब आरोपी पुलिसकर्मियों की वर्दी कब्जे में लेगी सीबीआई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 16 Dec 2021 01:59 PM IST

सार

मनीष हत्याकांड में पहले अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय आनंद कुमार तिवारी के निर्देशन में एसआईटी जांच शुरू हुई थी। एडिशनल डीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव विवेचक थे। एसआईटी ने करीब 15 दिनों तक गोरखपुर में रहकर पड़ताल की थी।
कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कानपुर में बर्रा के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पुलिस पिटाई से मौत के मामले में सीबीआई जल्द ही आरोपी पुलिसकर्मियों की वर्दी कब्जे में लेगी। पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी वर्दियां कब्जे में नहीं ले पाई थी। मनीष की पत्नी का कहना था कि जब सीबीआई उनसे पूछताछ करने के लिए आई थी तब इसकी जानकारी दी गई थी।
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गोरखपुर के रामगढ़ताल के होटल कृष्णा पैलेस में पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए बर्रा तीन निवासी प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर एसआईटी गठित की गई थी। जांच से पहले ही वारदात में शामिल पुलिसकर्मियों ने कई साक्ष्य मिटा दिए थे।


मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने दोषी पुलिसकर्मियों की वारदात के दिन पहनी हुई वर्दियां कब्जे में न लिए जाने को लेकर सवाल खड़े करते हुए पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई थी। कहा था कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने मनीष को होटल के कमरे से निकाल कर अस्पताल और फिर वहां से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया था।

इस बीच कहीं न कहीं वर्दी में खून भी लगा होगा, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए। यह एक अहम साक्ष्य होगा। पुलिस आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि एसआईटी सभी की वर्दियां कब्जे में लेकर बेंजाडीन टेस्ट कराएगी।

सीबीआई जांच शुरू होने से पहले तक एसआईटी की टीम वर्दियां कब्जे में नहीं ले सकी थी। मीनाक्षी का कहना है कि उसने वर्दियों के बारे में सीबीआई से उसी दिन बात की थी, जब टीम उनके बयान दर्ज करने आई थी। सीबीआई जल्द ही आरोपी पुलिसकर्मियों की वर्दियां कब्जे में लेगी।

मनीष हत्याकांड में पहले अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय आनंद कुमार तिवारी के निर्देशन में एसआईटी जांच शुरू हुई थी। एडिशनल डीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव विवेचक थे। एसआईटी ने करीब 15 दिनों तक गोरखपुर में रहकर पड़ताल की थी।

सीबीआई ने जांच शुरू करने के बाद एसआईटी से केस डायरी ले ली है। एसआईटी ने गोरखपुर पुलिस के खिलाफ कई साक्ष्य भी जुटाए थे, जो सीबीआई के हवाले कर दिए गए हैं। फिलहाल एक बात साबित हो चुकी है कि पुलिस ने मनीष गुप्ता के साथ अभद्रता और मारपीट की थी। यह जानकारी नहीं मिली है कि हत्या के सवाल पर एसआईटी जांच में कहां तक पहुंची थी।
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