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कानपुर: ढाई करोड़ रुपए रंगदारी मामले में बड़ा उलटफेर, वादी होटल कारोबारी सुरेश पाल कोर्ट में बयान से पलटा

Tue, 22 Sep 2026 06:16 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Tue, 22 Sep 2026 06:16 PM IST
सार

ढाई करोड़ की रंगदारी मामले में आया नया मोड़ आ गया। होटल कारोबारी कोर्ट में बयान से पलट गया। इसी मामले में जमानत न मिलने के कारण अखिलेश दुबे एक साल से जेल में है।

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Major twist in 2.5 crore extortion case; complainant, hotelier Suresh has retracted his statement in court
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ढाई करोड़ रुपये रंगदारी मामले की सुनवाई के दौरान जिला जज की अदालत में नया मोड़ आ गया। वादी सुरेश पाल अपने बयान से मुकर गया। अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर लगाए गए आरोपों से इनकार कर दिया। सुरेश के पक्षद्रोही होने पर कोर्ट की अनुमति के बाद जिरह शुरू हुई। शेष जिरह 25 सितंबर को होगी। इसी मामले में जमानत न मिलने के कारण अखिलेश एक साल से जेल में बंद है।

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मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में सुरेश के बयान दर्ज किए गए। सुरेश ने कहा कि साकेत नगर में मेरे होटल के पास ही वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश दुबे का कार्यालय था इसलिए मेरी उनसे जान-पहचान थी। मेरे खिलाफ जब पॉक्सो का झूठा मुकदमा दर्ज हुआ था तो मेरे बेटे ने अखिलेश से कानूनी मदद भी ली थी। बाद में आरोप झूठे पाए जाने पर मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी। दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मेरे पास घर से फोन आया जिसमें बताया गया कि पॉक्सो के मुकदमे की जांच के लिए एसआईटी आई है। खुद को एसआईटी अफसर बताकर मुझे किदवई नगर थाने ले जाया गया जहां टाइप किए कागजों पर मेरे हस्ताक्षर करवा लिए गए। धमकी से डरकर पुलिस के बताने पर ही मैंने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए।
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अखिलेश दुबे ने मुझसे कभी धन की मांग नहीं की और न ही मैंने उन्हें कोई धनराशि दी। अखिलेश ने मुझे न तो कभी धमकाया और न ही कोई मारपीट की। उन्होंने न तो मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया और न ही फंसाने की धमकी दी। मेरे खिलाफ पॉक्सो का झूठा मुकदमा लिखाने में अखिलेश का कोई हाथ नहीं था।

कार्यवाहक डीजीसी ने बताया कि कोर्ट में सुरेश अपने बयान से मुकर गया है। तहरीर पर हस्ताक्षर तो पहचाने लेकिन उसे खुद थाने पर देने से इनकार कर दिया। सुरेश के बयान से मुकरने पर अभियोजन ने जिरह शुरू की। कोर्ट ने अगली तारीख 25 सितंबर तय कर दी है।

 
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पिछले साल दर्ज हुई थी रंगदारी की रिपोर्ट
स्वरूपनगर निवासी कारोबारी सुरेश पाल ने 7 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे व उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने साजिश के तहत दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाया और ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली। मुकदमे में अखिलेश और लवी को जेल भेजा गया था। लवी को जमानत मिल गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज होने के कारण अखिलेश अब तक जेल में ही बंद है। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। 15 सितंबर को अखिलेश दुबे व आयुष मिश्रा के खिलाफ कोर्ट में आरोप भी तय हो गए थे और 18 सितंबर को सुरेश पाल को गवाही के लिए कोर्ट बुलाया गया था। 18 को सुरेश की ओर से प्रार्थना पत्र कोर्ट में देकर बीमारी के कारण कोर्ट आने में असमर्थता जताते हुए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से ही गवाही कराने की मांग की गई थी।
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