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कानपुर अर्मापुर मेले में बड़ा हादसा: चलते-चलते पलटा जीरो ग्रेविटी झूला, वीडियो वायरल
Thu, 22 Oct 2026 10:46 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:46 PM IST
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अरमापुर मेले में टूटा झूला
- फोटो : अमर उजाला
अर्मापुर एस्टेट के मैदान में गुरुवार रात मेले के अंतिम दिन गीली जमीन पर लगा जीरो ग्रेविटी झूला टूटकर एक तरफ झुक गया। हादसे के वक्त झूले में करीब 35-40 लोग सवार थे। अचानक झूला झुकने से युवक-युवतियां एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इससे चीख-पुकार मच गई और मेले में अफरातफरी फैल गई। कई लोगों को अंदरूनी चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने झूले में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया और मेला बंद कराकर परिसर खाली कराया।
अर्मापुर एस्टेट मैदान में श्रीश्री रामलीला समिति की ओर से रामलीला, रावण दहन और मेले का आयोजन किया जाता है। गुरुवार को मेले का अंतिम दिन होने के कारण परिसर में सैकड़ों लोग मौजूद थे। झूले में सात-आठ युवतियां और करीब 27-28 युवक सवार थे। इसी दौरान झूला अपनी धुरी से टूटकर एक ओर झुक गया। झूला जिस तरफ झुका, वहां खड़ी युवतियों के ऊपर दूसरी तरफ के युवक गिर पड़े।
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अर्मापुर एस्टेट मैदान में श्रीश्री रामलीला समिति की ओर से रामलीला, रावण दहन और मेले का आयोजन किया जाता है। गुरुवार को मेले का अंतिम दिन होने के कारण परिसर में सैकड़ों लोग मौजूद थे। झूले में सात-आठ युवतियां और करीब 27-28 युवक सवार थे। इसी दौरान झूला अपनी धुरी से टूटकर एक ओर झुक गया। झूला जिस तरफ झुका, वहां खड़ी युवतियों के ऊपर दूसरी तरफ के युवक गिर पड़े।
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अरमापुर मेले में टूटा झूला
- फोटो : अमर उजाला
गीली जमीन पर लगाए गए थे झूले
बताया गया कि नवरात्र से पहले हुई जोरदार बारिश के कारण मैदान गीला हो गया था। समिति ने जमीन सुखाने के लिए कुछ जगह मिट्टी डलवाई थी। आरोप है कि झूले लगाने के लिए गीली जमीन खोदकर बोल्ट कस दिए गए थे। आशंका है कि झूला चलते समय बोल्ट खुलने से हादसा हुआ। एडीसीपी वेस्ट योगेश कुमार और एसीपी पनकी अमित चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एडीसीपी ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। सभी को घर भेज दिया गया। लापरवाही की जांच की जाएगी।
बताया गया कि नवरात्र से पहले हुई जोरदार बारिश के कारण मैदान गीला हो गया था। समिति ने जमीन सुखाने के लिए कुछ जगह मिट्टी डलवाई थी। आरोप है कि झूले लगाने के लिए गीली जमीन खोदकर बोल्ट कस दिए गए थे। आशंका है कि झूला चलते समय बोल्ट खुलने से हादसा हुआ। एडीसीपी वेस्ट योगेश कुमार और एसीपी पनकी अमित चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एडीसीपी ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। सभी को घर भेज दिया गया। लापरवाही की जांच की जाएगी।
ठेकेदार-कर्मी भागे, मां करती रही तलाश
झूलों का ठेका सत्यप्रकाश उर्फ छोटे ठाकुर के पास बताया गया है, जो मसवानपुर निवासी गुफरान उर्फ इक्का, सरफराज और सन्ना के माध्यम से झूले संचालित करवाता है। आरोप है कि हादसे के बाद सभी मौके से भाग गए और उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। आवास विकास-3 निवासी मालती देवी बेटियों सुनीता और रुचि के साथ झूले में बैठी थीं। उन्होंने बताया कि झूला रफ्तार पकड़ते ही एक तरफ झुक गया। उवैश और आरिफ के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम करीब 30 सेकंड में हुआ। वहीं, अर्मापुर निवासी रिंकी का 13 वर्षीय बेटा आयुष अपने ममेरे भाई रौनक (14) के साथ मेला देखने आया था। रात 11 बजे तक दोनों के घर नहीं लौटने पर रिंकी तलाश में पहुंचीं। मेला प्रबंधन बच्चों की जानकारी नहीं दे सका। घायल लोगों को किस अस्पताल में ले जाया गया, यह पता करने के लिए वह घंटों भटकती रहीं।
झूलों का ठेका सत्यप्रकाश उर्फ छोटे ठाकुर के पास बताया गया है, जो मसवानपुर निवासी गुफरान उर्फ इक्का, सरफराज और सन्ना के माध्यम से झूले संचालित करवाता है। आरोप है कि हादसे के बाद सभी मौके से भाग गए और उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। आवास विकास-3 निवासी मालती देवी बेटियों सुनीता और रुचि के साथ झूले में बैठी थीं। उन्होंने बताया कि झूला रफ्तार पकड़ते ही एक तरफ झुक गया। उवैश और आरिफ के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम करीब 30 सेकंड में हुआ। वहीं, अर्मापुर निवासी रिंकी का 13 वर्षीय बेटा आयुष अपने ममेरे भाई रौनक (14) के साथ मेला देखने आया था। रात 11 बजे तक दोनों के घर नहीं लौटने पर रिंकी तलाश में पहुंचीं। मेला प्रबंधन बच्चों की जानकारी नहीं दे सका। घायल लोगों को किस अस्पताल में ले जाया गया, यह पता करने के लिए वह घंटों भटकती रहीं।