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जातिगत जनगणना के प्रारूप में बड़ी खामियां : साधना
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कानपुर। तिलक हॉल में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता साधना भारती ने प्रेस वार्ता में जातिगत जनगणना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप में मूलभूत कमियां हैं। इससे जाहिर होता है कि मोदी सरकार की नीयत इसको पारदर्शी तरीके से कराने की नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मौजूदा प्रश्नावली को खारिज करती है और मांग करती है कि इसे तत्काल रद्द कर तेलंगाना और बिहार की तर्ज पर प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना के अधिसूचित 40 प्रश्नों में सवाल नंबर 10 ही सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। इसमें ओपन-एंडेड विकल्प रखा गया है जबकि जातिगत जनगणना के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची बेहद जरूरी है। प्रश्नावली में पिछड़ा वर्ग शब्द तक शामिल नहीं है। उन्होंने कानपुर की बदहाल सड़कों और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी तीखा हमला बोला। कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण जनता परेशान है। वार्ता में जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, पदम मिश्रा, राकेश साहू, डॉ. संतोष त्रिपाठी, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, विनोद अवस्थी आदि थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मौजूदा प्रश्नावली को खारिज करती है और मांग करती है कि इसे तत्काल रद्द कर तेलंगाना और बिहार की तर्ज पर प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना के अधिसूचित 40 प्रश्नों में सवाल नंबर 10 ही सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। इसमें ओपन-एंडेड विकल्प रखा गया है जबकि जातिगत जनगणना के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची बेहद जरूरी है। प्रश्नावली में पिछड़ा वर्ग शब्द तक शामिल नहीं है। उन्होंने कानपुर की बदहाल सड़कों और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी तीखा हमला बोला। कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण जनता परेशान है। वार्ता में जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, पदम मिश्रा, राकेश साहू, डॉ. संतोष त्रिपाठी, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, विनोद अवस्थी आदि थे।
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