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झोपड़ी में रहने वाले मजदूर की पीटकर हत्या, रिपोर्ट दर्ज
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रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के बुझवा गढ़ेवा गांव के बाहर झोपड़ी में रहने वाले एक व्यक्ति की मंगलवार की रात पीटकर हत्या कर दी गई। पिता को बचाने आए उसके दस वर्षीय बेटे को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले में मृतक की पत्नी ने तीन लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक मजदूरी करके जीवन यापन कर रहा था।
मूल रूप से भुगनियांपुर, अकबरपुर निवासी ताशीम उर्फ राजू (40) करीब पांच माह से बुझवा गढ़ेवा गांव के बाहर झोपड़ी में पत्नी व पांच बच्चों के साथ रहता था। मंगलवार की रात झोपड़ी में डंडों से लैस कई युवक पहुंचे और राजू की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। यह देखकर पिता को बचाने आए दस वर्षीय गुलशन उर्फ राजा को भी पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। रात में सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताशीम उर्फ राजू व उसके बेटे गुलशन को सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉ लोकेश शर्मा ने राजू को मृत घोषित कर दिया। घायल राजा को पुलिस हैलट ले गई। मृतक की पत्नी रेशमा ने जय, बीरू व किसारी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि वह सिर्फ नाम जानती है, आरोपी कहां के रहने वाले हैं यह जानकारी नहीं है। हत्या की वजह भी वह स्पष्ट नहीं कर पाई। मृतक की पत्नी की भूमिका पुलिस को संदिग्ध लग रही है।
एएसपी घनश्याम चौरसिया, सीओ रामशरण सिंह ने फील्ड यूनिट के साथ पहुंच कर छानबीन की। इंस्पेक्टर शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जल्द की पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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पत्नी की भूमिका संदिग्ध, जांच के दायरे में
कानपुर देहात। बुझवा गढ़ेवा गांव के ताशीम उर्फ राजू की हत्या के मामले में उसकी पत्नी की भूमिका संदेह के घेरे में है। घटना के बाद वहां एकत्र हुए लोगों में चर्चा थी कि पिता को बचाने के लिए दस वर्षीय बेटा हमलावरों से भिड़ गया, आखिर पत्नी ने यह कोशिश क्यों नहीं की। हमलावरों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट भी नहीं की। पुलिस मृतक की पत्नी की भूमिका की जांच कर रही है। घटना के बाद मृतक के बच्चे बुरी तरह से बिलख रहे थे। जबकि उसकी पत्नी की आंखों में आंसू तक नहीं थे। यह देखकर लोगों में चर्चाएं होती रहीं। वह पुलिस को यह भी नहीं बता पाई कि हमलावरों को कब से और कैसे जानती है। ग्रामीणों में प्रेम संबंधों में बाधा बनने पर हत्या की चर्चा रही। मृतक घुमंतू जातियों की तरह परिवार के साथ निकल जाता था। वह कुछ माह एक गांव में ठहरने के बाद वह दूसरे गांव में चला जाता था।
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मूल रूप से भुगनियांपुर, अकबरपुर निवासी ताशीम उर्फ राजू (40) करीब पांच माह से बुझवा गढ़ेवा गांव के बाहर झोपड़ी में पत्नी व पांच बच्चों के साथ रहता था। मंगलवार की रात झोपड़ी में डंडों से लैस कई युवक पहुंचे और राजू की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। यह देखकर पिता को बचाने आए दस वर्षीय गुलशन उर्फ राजा को भी पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। रात में सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताशीम उर्फ राजू व उसके बेटे गुलशन को सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉ लोकेश शर्मा ने राजू को मृत घोषित कर दिया। घायल राजा को पुलिस हैलट ले गई। मृतक की पत्नी रेशमा ने जय, बीरू व किसारी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि वह सिर्फ नाम जानती है, आरोपी कहां के रहने वाले हैं यह जानकारी नहीं है। हत्या की वजह भी वह स्पष्ट नहीं कर पाई। मृतक की पत्नी की भूमिका पुलिस को संदिग्ध लग रही है।
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एएसपी घनश्याम चौरसिया, सीओ रामशरण सिंह ने फील्ड यूनिट के साथ पहुंच कर छानबीन की। इंस्पेक्टर शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जल्द की पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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पत्नी की भूमिका संदिग्ध, जांच के दायरे में
कानपुर देहात। बुझवा गढ़ेवा गांव के ताशीम उर्फ राजू की हत्या के मामले में उसकी पत्नी की भूमिका संदेह के घेरे में है। घटना के बाद वहां एकत्र हुए लोगों में चर्चा थी कि पिता को बचाने के लिए दस वर्षीय बेटा हमलावरों से भिड़ गया, आखिर पत्नी ने यह कोशिश क्यों नहीं की। हमलावरों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट भी नहीं की। पुलिस मृतक की पत्नी की भूमिका की जांच कर रही है। घटना के बाद मृतक के बच्चे बुरी तरह से बिलख रहे थे। जबकि उसकी पत्नी की आंखों में आंसू तक नहीं थे। यह देखकर लोगों में चर्चाएं होती रहीं। वह पुलिस को यह भी नहीं बता पाई कि हमलावरों को कब से और कैसे जानती है। ग्रामीणों में प्रेम संबंधों में बाधा बनने पर हत्या की चर्चा रही। मृतक घुमंतू जातियों की तरह परिवार के साथ निकल जाता था। वह कुछ माह एक गांव में ठहरने के बाद वह दूसरे गांव में चला जाता था।