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UP: गजब है महोबा का बाल विकास विभाग, 16 माह पहले हो चुका निधन, मृतका को भेजा सेवा समाप्ति का नोटिस, पढ़ें मामला

Tue, 31 Mar 2026 06:47 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 31 Mar 2026 06:47 PM IST
सार

Mahoba News: महोबा में 17 महीने पहले मर चुकी आंगनबाड़ी सहायिका पार्वती को विभाग ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा है। डीपीओ ने इस बड़ी लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।

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Mahobas Child Development Department Sends Termination Notice to Employee Who Passed Away 16 Months Ago
14 नवंबर 2024 को जारी मृत्यु प्रमाण पत्र और भेजा गया नोटिस - फोटो : amar ujala

विस्तार

महोबा जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जुड़ा एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जिस आंगनबाड़ी सहायिका की 16 माह पहले मौत हो चुकी है। विभाग की ओर से उसे सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा गया है। नोटिस देखकर परिजन हैरत में पड़ गए। मंगलवार को यह मामला सामने आने के बाद विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। डीपीओ ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। ब्लॉक पनवाड़ी के नैपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता के पद पर शिवकांति तैनात हैं।

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उनके साथ यहां पर सहायिका के पद पर 17 महीने पहले पार्वती तैनात थी। सहायिका पार्वती का बीमारी के चलते एक नवंबर 2024 को निधन हो गया था। इसके एक पखवाड़े के अंदर परिवार ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग को सौंप दिया था। विभाग ने भी इसे पोर्टल पर अपलोड करके पार्वती का वेतन रोक दिया। पनवाड़ी ब्लॉक की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) यासमीन जहां ने 26 फरवरी 2026 को नैपुरा आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया, तो केंद्र बंद मिला।

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विभाग में जमा कर दिए थे मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य अभिलेख
इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कार्यकर्ता शिवकांति और सहायिका पार्वती को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। दो दिन में स्पष्टीकरण न देने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी। साथ ही, हाट कुक्ड योजना के संबंधित बिल वाउचर व धनराशि की प्राप्त रशीद के साथ कार्यालय में उपस्थित होने की बात कही। यह नोटिस जब पार्वती के पति किशनलाल के पास पहुंचा तो वह परेशान हो गया। नोटिस पर उसने विभाग को जवाब देते हुए बताया कि उसकी पत्नी पार्वती का निधन हो चुका है और निधन के आठ दिन के अंदर ही उसने मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य अभिलेख विभाग में जमा कर दिए थे। ऐसे में यह नोटिस कैसे आ गई।

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मामले को बेवजह दिया जा रहा है तूल
यह मामला मंगलवार को उजागर हुआ। मृतका के पति ने बताया कि यह विभाग की घोर लापरवाही है। उसकी पत्नी की करीब 17 माह पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद भी नोटिस भेजना समझ से परे है। उधर, सीडीपीओ यासमीन जहां का कहना है कि उन्होंने नवंबर 2025 में ब्लॉक पनवाड़ी ज्वाइन किया था। इसके बाद फरवरी में मैंने निरीक्षण किया। तैनाती के कम समय होने के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं थी। केंद्र बंद मिलने पर नोटिस जारी किया गया था। जिस पर कार्यकर्ता शिवकांति ने सहायिका के निधन की जानकारी दी थी, तो उसे मान लिया गया और नोटिस को निस्तारित कर दिया गया। मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।

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आंगनबाड़ी सहायिका की मौत के बाद नोटिस भेजे जाने के मामले की जानकारी हुई है। उन्होंने सीडीपीओ से इस नोटिस को लेकर जवाब मांगा है।  सहायिका पार्वती के निधन की जानकारी विभाग के पोर्टल पर अपलोड है। ऐसे में यह गलती कैसे हुई, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।   -हर्षवर्धन नायक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महोबा

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