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Mahoba: बीमारी से परेशान दिव्यांग शिक्षक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- शारीरिक चुनौतियों से परेशान होकर...
Tue, 12 Mar 2024 07:25 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 12 Mar 2024 07:25 PM IST
सार
यूपी के महोबा में बीमारी से परेशान शिक्षक ने मौत को गले लगा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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विजय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महोबा जिले में थाना श्रीनगर के पिपरामाफ गांव में दिव्यांग शिक्षक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद किया गया, जिसमें जिंदगी में शारीरिक चुनौतियाें से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
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पिपरामाफ निवासी कृष्णदेव त्रिपाठी के इकलौते बेटे विजय कुमार त्रिपाठी (47) बचपन से ही दिव्यांग थे। संगीत के शौकीन होने के चलते उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश के दतिया और महोबा में विशेष दिव्यांग शिक्षक के रूप में काम किया। पिता ने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। विजय बैसाखी के सहारे चलते फिरते थे। सोमवार रात पिता सो गए तो विजय कुमार ने कमरे के अंदर पंखे के हुक से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली, जिससे मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें स्वेच्छा से जान देने की बात लिखी है। लिखा है कि मैं अपनी जिंदगी की शारीरिक चुनौतियों और परेशानियों को झेलते-झेलते थक गया हूं। मैंने पूरे जीवन परेशानी के सिवा कुछ नहीं पाया। दो अप्रैल 1976 से आजतक शारीरिक कष्ट के अलावा कुछ नहीं मिला। फिर भी मैं झेलता रहा। अब मैं टूट चुका हूं और कष्ट सहन करने की क्षमता खत्म हो गई है। पिता जी मुझे माफ करना। मेरा सभी ने भरपूर सहयोग दिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी थानाध्यक्ष कन्हैयालाल यादव का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।