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महोबा कांड: क्रशर कारोबारी की मौत का मामला, रिमांड पूरा, बर्खास्त सिपाही को जेल में किया दाखिल
Sun, 13 Dec 2020 11:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 13 Dec 2020 11:32 PM IST
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इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत मामले में 50 हजार रुपये के इनामी तत्कालीन एसपी तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस पकड़ से दूर हैं। कारोबारी मामले में आरोपी बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव की पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने पर रविवार को लखनऊ जेल में दाखिल किया गया।
कस्टडी रिमांड के दौरान विवेचना कर रहे प्रयागराज के एसपी क्राइम ने बर्खास्त सिपाही को महोबा में कई स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की, जिससे टीम को कई अहम सुराग हाथ लगे। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था।
आठ सितंबर को गोली लग गई थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी पर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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तत्कालीन एसपी अभी फरार चल रहे हैं। उन पर 50 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है, जबकि शेष चार आरोपी जेल में बंद है। क्रशर कारोबारी की मौत मामले में बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव को आठ दिसंबर को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था।
एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने टीम के साथ बर्खास्त सिपाही को महोबा लाए थे। जहां कई स्थानों पर ले जाकर उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ की गई। टीम ने ये भी जाना कि वह किस पहाड़ और क्रशर प्लांट से ट्रकों में गिट्टी लोड कराता था। रविवार को पांच दिन की कस्टडी रिमांड अवधि पूरी होने पर टीम ने बर्खास्त सिपाही को जेल में दाखिल करा दिया। कस्टडी रिमांड के दौरान टीम को कौन-कौन से सुराग हाथ लगे स्पष्ट नहीं हो सका है।
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कस्टडी रिमांड के दौरान विवेचना कर रहे प्रयागराज के एसपी क्राइम ने बर्खास्त सिपाही को महोबा में कई स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की, जिससे टीम को कई अहम सुराग हाथ लगे। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था।
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आठ सितंबर को गोली लग गई थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी पर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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तत्कालीन एसपी अभी फरार चल रहे हैं। उन पर 50 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है, जबकि शेष चार आरोपी जेल में बंद है। क्रशर कारोबारी की मौत मामले में बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव को आठ दिसंबर को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था।
एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने टीम के साथ बर्खास्त सिपाही को महोबा लाए थे। जहां कई स्थानों पर ले जाकर उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ की गई। टीम ने ये भी जाना कि वह किस पहाड़ और क्रशर प्लांट से ट्रकों में गिट्टी लोड कराता था। रविवार को पांच दिन की कस्टडी रिमांड अवधि पूरी होने पर टीम ने बर्खास्त सिपाही को जेल में दाखिल करा दिया। कस्टडी रिमांड के दौरान टीम को कौन-कौन से सुराग हाथ लगे स्पष्ट नहीं हो सका है।