कन्नौज। सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को इत्र नगरी में करीब पांच घंटे दिए। पुलिस लाइन में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद वह सर्किट हाउस पहुंचीं। यहां समूह की महिलाओं, अफसरों से रूबरू हुईं। इनसे बात की। अपनी राय से अवगत कराया। राज्यपाल का पूरा जोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कुपोषण व क्षय रोग से प्रदेश को मुक्त करने पर रहा। उन्होंने कम उम्र में शादी और जोड़ों के बीच लंबे अंतर, दहेज उत्पीड़न को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की नसीहत दी। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा से ग्राम स्तर पर महिला सुरक्षा समिति का गठन करने के लिए कहा।
राज्यपाल को पुलिस लाइन परिसर में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद सलामी दी गई। भाजपा विधायकों, नेताओं और अफसरों ने फूल देकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में अफसरों, किसानों और समूह की महिलाओं के साथ बात की। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने जिले की स्थिति से अवगत कराया। राज्यपाल ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, समूहों के माध्यम से बाल विवाह एवं दहेज प्रथा खत्म करना, उन्नत खेती के लिए प्रेरित करना, मुद्रा योजना से ऋण प्राप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ाना, ग्रामों में महिला सुरक्षा समितियों का गठन आदि है। राज्यपाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत समूहों की महिलाओं से उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में आए बदलाव जानने की कोशिश की। महिलाओं ने बताया कि समूह में जुड़ने से सम्मान, अपनी बात रखने और रोजगार की मजबूती मिली है। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं में भी नेतृत्व करने की शक्ति है। वह अपने साथ-साथ समाज, देश में अपनी पहचान स्थापित कर सकती हैं। कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षित करें। गांव की समस्याओं को निस्तारित किया जाए। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी विभागों को कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी ) में निदेशक शक्ति विनय शुक्ल से इत्र और अतर के बारे में जानकारी ली।

कन्नौज: एफएफडीसी में सुगंध लेतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। संवाद- फोटो : KANNAUJ