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एमए संगीत की प्रगति पर बरसा सोना
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 02 Dec 2015 02:16 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के 30वें दीक्षांत समारोह में एमए संगीत की छात्रा प्रगति द्विवेदी पर खूब सोना बरसा। राज्यपाल राम नाईक ने प्रगति को मंच पर बुलाया और कुलाधिपति स्वर्ण, रजत, कांस्य, कुलपति स्वर्ण सहित छह पदक देकर सम्मानित किया। प्रगति को 89.80 फीसदी मार्क्स मिले।
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दूसरी तरफ पीएचडी के 163 रिसर्च स्कॉलर को उपाधि दी गई। बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम सहित अन्य ब्रांच के टॉपरों को भी उपाधि मिली। इससे गदगद स्टूडेंटों ने जश्न मनाया। इंटरनेशनल ऑडिटोरियम के बाहर हवा में उत्तरी लहराया और ... हिप, हिप हुर्रे कहकर मस्ती की।
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दीक्षांत समारोह का उद्घाटन राज्यपाल, कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन, लखनऊ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एसबी निमसे और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसएल गोस्वामी ने किया, फिर ऑल टाइम टॉपर और गोल्डन गर्ल प्रगति को एक साथ छह मेडल पहनाए गए। वह यूनिवर्सिटी एग्जाम 2014-15 की टॉपर हैं।
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सर्वश्रेष्ठ छात्र और छात्रा का मेडल प्रगति की झोली में गिरा है। कोपल गौर, शिवम भटनागर, दीपक मिश्रा, प्रियंका शर्मा और निरति कटियार को भी दो-दो मेडल मिले हैं। इस बार की मेरिट लिस्ट में बेटियों का जलवा है।
करीब 75 फीसदी स्थान पर बेटियों ने कब्जा जमाया। इसकी राज्यपाल ने तारीफ की। राज्यपाल ने कहा कि ज्यादातर यूनिवर्सिटियों के दीक्षांत समारोह में लड़कियों की मेधा देखने को मिली है।
गोल्डन जुबली से बढ़ाएं गुणवत्ता
यूनिवर्सिटी की पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट नियमित है। इसकी सराहना की जानी चाहिए। वर्ष 2016 में कानपुर यूनिवर्सिटी अपना स्वर्ण जयंती समारोह मनाएगी। स्थापना 1966 में हुई थी।
राज्यपाल राम नाईक बोले, अब यूनिवर्सिटी को शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार करने की पहल करनी होगी। 14 जिलों के 1200 से ज्यादा कॉलेजों के 14 लाख स्टूडेंटों को पढ़ाकर रिजल्ट देना अच्छा है लेकिन कुछ और करना होगा। नकल के लिए बदनाम यूपी में अब नकल कम हुई है। परीक्षा प्रणाली में सुधार हुआ है।
अब पुरुष सशक्तीकरण की जरूरत
बेटियों के बेहतर प्रदर्शन की राज्यपाल राम नाईक ने तारीफ की। साथ ही चुटकी लेते हुए कहा कि अब महिला सशक्तीकरण और आरक्षण की जगह पुरुष सशक्तीकरण की जरूरत है। इस बार की मेरिट में 75 फीसदी लड़कियां हैं।
24 बेटियों ने मंच पर आकर मेडल लिया, जबकि लड़कों की संख्या आठ है। अब लड़कों को संभलने और मन से काम करने की आदत डालनी होगी। ऐसा नहीं हुआ तो पिछड़ते चले जाएंगे।
मोबाइल एप लांच
यूनिवर्सिटी के रिजल्ट का मोबाइल एप मंगलवार को लांच कर दिया गया। अब वेबसाइट www.kanpuruniversity.org पर जाकर मोबाइल एप डाउन लोड किया जा सकता है। राज्यपाल राम नाईक की मौजूदगी में कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने बताया कि अब जो भी रिजल्ट आएंगे, वह मोबाइल एप पर देखे जा सकेंगे।
देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी
कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने यूनिवर्सिटी की प्रगति आख्या पेश की और कहा कि सीएसजेएम यूनिवर्सिटी का दायरा यूपी के 14 जिलों में फैला है। रेग्युलर और प्राइवेट के 14 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं।
यह दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। अब जरूरत शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की है। इस पर काम चल रहा है। औद्योगिक इकाइयों की मांग के हिसाब से कोर्स बनाया जा रहा है। डिजिटल इंडिया की तरफ यूनिवर्सिटी ने कदम बढ़ा दिए हैं।