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पुलिस का लकी महीना जुलाई साबित हो रहा अनलकी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 21 Jul 2018 07:51 PM IST
सार
- कांबिंग कर डाकुओं की की जा रही तलाश लेकिन असफलता मिली
- जुलाई माह में मारे गये थे कई डाकू
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विस्तार
यूपी के चित्रकूट जिले में जुलाई का महीना पुलिस विभाग के लिए लकी रहा है लेकिन इस बार पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। महीने के आधे से अधिक दिन निकल गए डाकू बबुली व लवलेश पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहे हैं।
हालांकि इसी जिले के एक इनामी डाकू को जुलाई माह में इलाहाबाद जिले की पुलिस ने मार गिराया था लेकिन चित्रकूट पुलिस को सफलता नहीं मिली।
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हालांकि इसी जिले के एक इनामी डाकू को जुलाई माह में इलाहाबाद जिले की पुलिस ने मार गिराया था लेकिन चित्रकूट पुलिस को सफलता नहीं मिली।
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जिले की पुलिस के लिए जुलाई माह कई साल से लकी रहा है। इस माह कई कुख्यात डाकू मार गए हैं। जिससे पुलिस अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस साल भी जुलाई माह में साढ़े पांच लाख का इनामी डाकू बबुली कोल व डाकू लवलेश को मार गिराया जाएगा लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। जिससे लगता है कि जुलाई तो अनलकी साबित हो रहा है।
पुलिस अधीक्षक मनोज झा सहित अधिकारी आए दिन जंगलों में कांबिंग कर रहे हैं। डाकुओं को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस फोर्स भी लगा दी गई है, इसके बाद भी सफलता नहीं मिली।
पुलिस अधीक्षक मनोज झा सहित अधिकारी आए दिन जंगलों में कांबिंग कर रहे हैं। डाकुओं को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस फोर्स भी लगा दी गई है, इसके बाद भी सफलता नहीं मिली।
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ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में डाकू बारिश के पानी से बचने के लिए गांव के पुरवों की बस्ती में छुपे रहते हैं। जिससे पुलिस को सफलता मिल जाती है। इस वर्ष अभी जोरदार बारिश नहीं हुई। जिससे डाकू जंगलों में ही अपना अड्डा बनाए हुए हैं।
वहीं जब से मप्र पुलिस के एक जवान की मौत कांबिंग के दौरान प्यास से हो गई थी। उस समय मप्र पुलिस भी रिस्क नहीं उठा रही है। पुलिस अधीक्षक मनोज झा का कहना है कि डाकुओं को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। जिसके चलते पाठा क्षेत्र सहित जिले में डाकू वारदात नहीं कर रहे हैं।
वहीं जब से मप्र पुलिस के एक जवान की मौत कांबिंग के दौरान प्यास से हो गई थी। उस समय मप्र पुलिस भी रिस्क नहीं उठा रही है। पुलिस अधीक्षक मनोज झा का कहना है कि डाकुओं को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। जिसके चलते पाठा क्षेत्र सहित जिले में डाकू वारदात नहीं कर रहे हैं।