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Kanpur News: प्रेमी अनुराग को नहीं हत्या का अफसोस...पत्नी प्रगति को आत्मग्लानि
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इटावा। पति की हत्या कराने के आरोप जेल में बंद प्रगति को आत्मग्लानि है, लेकिन प्रेमी अनुराग को कोई भी अफसोस नहीं है। वह क्वारंटीन बैरक में अन्य बंदियों से बातचीत कर रहा है।
19 मार्च को औरैया में दिलीप की उसकी पत्नी प्रगति और प्रेमी अनुराग ने गैंगस्टर रामजी नागर को सुपारी देकर पीटने के बाद गोली मरवा दी थी। दिलीप ने 22 मार्च को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पुलिस ने 24 मार्च को प्रगति, अनुराग और गैंगस्टर रामजी को गिरफ्तार कर इटावा के जिला कारागार में भेज दिया था। महिला बैरक में बंद प्रगति ने 24 मार्च को रात में खाना खाने से मना कर दिया था। वह परिजनों को बुलाने की जिद कर रही थी। हालांकि करीब दो घंटे बाद जेल कर्मियों के समझाने पर दो रोटी खाकर लेट गई थी। रात उसकी करवट बदलते हुए कटी थी। सुबह भी चेहरे पर पति की हत्या कराने की ग्लानि दिख रही थी।
प्रेमी अनुराग को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। उसने पहले दिन ही खाना खाया और रातभर सोया। वह बैरक में अन्य बंदियों और कैदियों के साथ बातचीत करता है। उसको दिलीप की हत्या का अफसोस नहीं है। वह कहता है कि उसे लग रहा था कि वह पकड़ में ही नहीं आएगा, लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उधर, प्रगति अनुराग के झांसे में आकर पति की हत्या कराने की बात कह रही है। अनुराग का कहना है कि उसने प्रगति के कहने पर गैंगस्टर को सुपारी दी थी।
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वर्जन....
24 मार्च को तीनों को जेल लाया गया था। पहली रात को प्रगति परिजनों के बुलाने पर खाना खाने की जिद कर रही थी, लेकिन स्टाफ के समझाने पर थोड़ी देर बाद खाना खा लिया था। प्रगति के चेहरे पर आत्मग्लानि दिख रही है। अनुराग को इस वारदात का कोई अफसोस नहीं है। -कुलदीप भदौरिया, जेल अधीक्षक, इटावा।
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19 मार्च को औरैया में दिलीप की उसकी पत्नी प्रगति और प्रेमी अनुराग ने गैंगस्टर रामजी नागर को सुपारी देकर पीटने के बाद गोली मरवा दी थी। दिलीप ने 22 मार्च को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पुलिस ने 24 मार्च को प्रगति, अनुराग और गैंगस्टर रामजी को गिरफ्तार कर इटावा के जिला कारागार में भेज दिया था। महिला बैरक में बंद प्रगति ने 24 मार्च को रात में खाना खाने से मना कर दिया था। वह परिजनों को बुलाने की जिद कर रही थी। हालांकि करीब दो घंटे बाद जेल कर्मियों के समझाने पर दो रोटी खाकर लेट गई थी। रात उसकी करवट बदलते हुए कटी थी। सुबह भी चेहरे पर पति की हत्या कराने की ग्लानि दिख रही थी।
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प्रेमी अनुराग को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। उसने पहले दिन ही खाना खाया और रातभर सोया। वह बैरक में अन्य बंदियों और कैदियों के साथ बातचीत करता है। उसको दिलीप की हत्या का अफसोस नहीं है। वह कहता है कि उसे लग रहा था कि वह पकड़ में ही नहीं आएगा, लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उधर, प्रगति अनुराग के झांसे में आकर पति की हत्या कराने की बात कह रही है। अनुराग का कहना है कि उसने प्रगति के कहने पर गैंगस्टर को सुपारी दी थी।
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24 मार्च को तीनों को जेल लाया गया था। पहली रात को प्रगति परिजनों के बुलाने पर खाना खाने की जिद कर रही थी, लेकिन स्टाफ के समझाने पर थोड़ी देर बाद खाना खा लिया था। प्रगति के चेहरे पर आत्मग्लानि दिख रही है। अनुराग को इस वारदात का कोई अफसोस नहीं है। -कुलदीप भदौरिया, जेल अधीक्षक, इटावा।