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Kanpur News: गणित के लंबे प्रश्नों से छात्रों का चकराया सिर, कई के छूटे सवाल
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परीक्षा देकर निकलीं छात्राएं।
- फोटो : संवाद
कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में सोमवार को गणित के पेपर ने छात्रों के पसीने छुड़ा दिए। परीक्षा देकर निकले कई छात्रों ने पेपर को लंबा, कठिन और ट्रिकी सवालों से भरा बताया। छात्रों का कहना था कि पेपर पूरा करने में समय की कमी महसूस हुई और कई प्रश्न ऐसे थे जिनके उत्तर लिखने में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। कई छात्रों का पेपर छूट भी गया।
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था। कुछ सवाल कॉन्सेप्ट पर आधारित थे, जिनमें गहराई से समझ की जरूरत थी। कई छात्रों ने कहा कि पेपर लंबा होने के कारण समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया। शिक्षकों का मानना है कि सीबीएसई पिछले कुछ वर्षों से कॉन्सेप्ट आधारित और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर अधिक जोर दे रहा है।
इसी कारण कई बार प्रश्नपत्र छात्रों को कठिन लगने लगता है। शिक्षकों ने कहा कि जिन छात्रों की अवधारणाएं मजबूत हैं, उन्हें ऐसे प्रश्नों से फायदा भी मिलता है। कुछ शिक्षकों ने आरोप भी लगाया कि प्रयागराज रीजन के पेपर ही कठिन तैयार किए जाते हैं, बाकी रीजन में अपेक्षाकृत सरल सवाल पूछे गए हैं।
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यह बोर्ड का पेपर नहीं प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लगा रहा था। प्रश्नपत्र काफी कठिन और विस्तृत था। - शिवांशी, जुगल देवी
पिछले साल के मुकाबले भी पेपर काफी कठिन आया। सवाल काफी ट्रिकी थे, काफी समय लगा। - ऋषि जायसवाल, सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर
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परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था। कुछ सवाल कॉन्सेप्ट पर आधारित थे, जिनमें गहराई से समझ की जरूरत थी। कई छात्रों ने कहा कि पेपर लंबा होने के कारण समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया। शिक्षकों का मानना है कि सीबीएसई पिछले कुछ वर्षों से कॉन्सेप्ट आधारित और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर अधिक जोर दे रहा है।
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इसी कारण कई बार प्रश्नपत्र छात्रों को कठिन लगने लगता है। शिक्षकों ने कहा कि जिन छात्रों की अवधारणाएं मजबूत हैं, उन्हें ऐसे प्रश्नों से फायदा भी मिलता है। कुछ शिक्षकों ने आरोप भी लगाया कि प्रयागराज रीजन के पेपर ही कठिन तैयार किए जाते हैं, बाकी रीजन में अपेक्षाकृत सरल सवाल पूछे गए हैं।
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यह बोर्ड का पेपर नहीं प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लगा रहा था। प्रश्नपत्र काफी कठिन और विस्तृत था। - शिवांशी, जुगल देवी
पिछले साल के मुकाबले भी पेपर काफी कठिन आया। सवाल काफी ट्रिकी थे, काफी समय लगा। - ऋषि जायसवाल, सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर