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खुशबू के शहर में होगी अग्नि परीक्षा: इत्रनगरी में तेज प्रताप यादव संभालेंगे सपा का मोर्चा
Tue, 23 Apr 2024 01:26 PM IST
शिखा पांडेय
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 23 Apr 2024 01:26 PM IST
सार
Kannauj News: तमाम सियासी अटकलों को खत्म करते हुए सपा ने तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बनाया है।
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वर्ष 2019 के लोस चुनाव के दौरान कन्नौज में डिंपल यादव के साथ रोड शो में शामिल तेज प्रताप यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैसी अटकलें थीं, ठीक वैसा ही हुआ। सूबे की सियासत की बागडोर संभालने का संदेश देते हुए अखिलेश यादव ने कन्नौज से खुद की जगह तेज प्रताप यादव को आगे किया है। परिवार के ही सदस्य को आगे कर वह न सिर्फ कन्नौज में अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए भाजपा से दो-दो हाथ करने का मौका भी नहीं छोड़ना चाहते। उनका यह फैसला कितना कारगर साबित होगा, यह चार जून को ही पता चलेगा।
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पार्टी से जुड़े लोग प्रचारित तो यही कर रहे थे कि यहां से खुद अखिलेश यादव ही चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अंदरखाने यह भी माना जा रहा था खुद अखिलेश अलग ही समीकरण साधने पर ध्यान दे रहे हैं। बार-बार कुरेदने पर भी अखिलेश खुल कर कुछ बोलने से बच रहे थे। इसे कार्यकर्ता सीधे उनके ही चुनाव लड़ने से जोड़कर देख रहे थे, जबकि जानकारों के बीच यह चर्चा थी कि वह ऐसा करके यह संदेश देना चाह रहे थे कि लड़े कोई भी, वह तो यहां मौजूद हैं ही। तेज प्रताप के ऐलान से पार्टी में बगावत नहीं होगी। कार्यकर्ता तेज प्रताप यादव को अखिलेश यादव का प्रतिनिधि मानकर ही मैदान में जाएंगे। अखिलेश के लड़ने और जीतने पर उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देना होता। ऐसे में सूबे के सदन में पार्टी के सामने नेतृत्व का संकट भी आता। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखकर अखिलेश ने भरोसेमंद व परिवार के चेहरे को आगे किया है।
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खुशबू के शहर में होगी अग्नि परीक्षा
सियासी मैदान में मुलायम परिवार की तीसरी पीढ़ी की अगुआई करने वाले तेज प्रताप यादव का मजबूत सियासी बैकग्राउंड है। वह मुलायम सिंह यादव के भतीजे रणवीर सिंह यादव के पुत्र हैं। अखिलेश यादव के भतीजे हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के सबसे छोटे दामाद हैं। उनकी शादी लालू प्रसाद यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी से 26 फरवरी 2015 को हुई थी। यूपी से बिहार के बीच दो बड़े सियासी घरानों से ताल्लुक रखने वाले तेज प्रताप यादव को इत्रनगरी में पार्टी की खोई विरासत वापस करने की अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।
सियासी मैदान में मुलायम परिवार की तीसरी पीढ़ी की अगुआई करने वाले तेज प्रताप यादव का मजबूत सियासी बैकग्राउंड है। वह मुलायम सिंह यादव के भतीजे रणवीर सिंह यादव के पुत्र हैं। अखिलेश यादव के भतीजे हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के सबसे छोटे दामाद हैं। उनकी शादी लालू प्रसाद यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी से 26 फरवरी 2015 को हुई थी। यूपी से बिहार के बीच दो बड़े सियासी घरानों से ताल्लुक रखने वाले तेज प्रताप यादव को इत्रनगरी में पार्टी की खोई विरासत वापस करने की अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।
मुलायम के सीट छोड़ने पर मैनपुरी से बने थे सांसद
तेज प्रताप यादव वर्ष 2014 में हुए उपचुनाव में मैनपुी से सांसद चुने गए थे। यह सीट तब खाली हुई थी जब 2014 के चुनाव में मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ से भी सांसद चुने गए थे। दोनों जगह से मिली जीत के बाद उन्होंने मैनपुरी से इस्तीफा दे दिया था। उनकी खाली सीट पर तेज प्रताप रिकॉर्ड वोटों के अंतर से संसद पहुंचे थे। इन दिनों वह मैनपुरी में अपनी चाची डिंपल यादव के चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।
तेज प्रताप यादव वर्ष 2014 में हुए उपचुनाव में मैनपुी से सांसद चुने गए थे। यह सीट तब खाली हुई थी जब 2014 के चुनाव में मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ से भी सांसद चुने गए थे। दोनों जगह से मिली जीत के बाद उन्होंने मैनपुरी से इस्तीफा दे दिया था। उनकी खाली सीट पर तेज प्रताप रिकॉर्ड वोटों के अंतर से संसद पहुंचे थे। इन दिनों वह मैनपुरी में अपनी चाची डिंपल यादव के चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।
पार्टी से कन्नौज के छठे उम्मीदवार होंगे तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव को ही कन्नौज से सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले छठे चेहरा होंगे। अब तक इस सीट से सपा के टिकट पर पांच नेताओं ने चुनाव लड़ा है। इनमें से चार में कायमाबी मिली है। इस सीट पर सपा के चुनाव निशान पर सबसे पहले प्रत्याशी पूर्व सांसद छोटेलाल यादव थे। 1996 के पहले चुनाव में सपा को कामयाबी नहीं मिली थी। अगले चुनाव 1998 में यहां सैफई परिवार से प्रदीप यादव को प्रत्याशी बनाया गया और उनकी जीत से पार्टी ने यहां पहली कामयाबी हासिल की। 1999 के लोकसभा चुनाव में पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव सांसद बने। उनके इस्तीफा देने के बाद सन 2000 में हुए उपचुनाव में यहां से पहली बार अखिलेश यादव सांसद चुने गए। उन्होंने 2004 और 2009 का चुनाव भी जीता। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सीट छोड़ी तो पहली बार डिंपल यादव उसी वर्ष हुए उपचुनाव में निर्विरोध चुनाव जीतीं। वर्ष 2014 में भी उन्हें जीत मिली। वर्ष 2019 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। अब वर्ष 2024 में तेज प्रताप यादव इस सीट से पार्टी के छठे उम्मीदवार होंगे।
तेज प्रताप यादव को ही कन्नौज से सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले छठे चेहरा होंगे। अब तक इस सीट से सपा के टिकट पर पांच नेताओं ने चुनाव लड़ा है। इनमें से चार में कायमाबी मिली है। इस सीट पर सपा के चुनाव निशान पर सबसे पहले प्रत्याशी पूर्व सांसद छोटेलाल यादव थे। 1996 के पहले चुनाव में सपा को कामयाबी नहीं मिली थी। अगले चुनाव 1998 में यहां सैफई परिवार से प्रदीप यादव को प्रत्याशी बनाया गया और उनकी जीत से पार्टी ने यहां पहली कामयाबी हासिल की। 1999 के लोकसभा चुनाव में पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव सांसद बने। उनके इस्तीफा देने के बाद सन 2000 में हुए उपचुनाव में यहां से पहली बार अखिलेश यादव सांसद चुने गए। उन्होंने 2004 और 2009 का चुनाव भी जीता। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सीट छोड़ी तो पहली बार डिंपल यादव उसी वर्ष हुए उपचुनाव में निर्विरोध चुनाव जीतीं। वर्ष 2014 में भी उन्हें जीत मिली। वर्ष 2019 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। अब वर्ष 2024 में तेज प्रताप यादव इस सीट से पार्टी के छठे उम्मीदवार होंगे।