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नौ महीने में उसे मिली आजीवन कारावास से ‘मुक्ति’
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 20 Sep 2016 08:31 PM IST
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फर्रुखाबाद सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहे कैदी की मंगलवार सुबह तबियत खराब हो गई। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। मौत की खबर जेल प्रशासन ने परिजनों को दे दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जिला कानपुर नगर थाना चकेरी के बिल्ला टटिया हाउस नंबर 22 श्यामनगर निवासी नरायन प्रसाद सिंह (72) सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा था। नरायन प्रसाद श्वांस और क्षय रोग से काफी समय से पीड़ित था। बंदी रक्षकों ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। यहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। बंदी रक्षकों ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी को दी। अधीक्षक ने मोबाइल पर नरायन के परिजनों को सूचना दी। अधीक्षक ने बताया कि नरायन प्रसाद को 25 जनवरी 2016 को आजीवन सजा हुई थी। सजा के बाद उसे 28 फरवरी को सेंट्रल जेल में लाया गया था। तबियत खराब होने पर 29 जुलाई को उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का एक सदस्य अभी जेल में सजा काट रहा है।
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जिला कानपुर नगर थाना चकेरी के बिल्ला टटिया हाउस नंबर 22 श्यामनगर निवासी नरायन प्रसाद सिंह (72) सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा था। नरायन प्रसाद श्वांस और क्षय रोग से काफी समय से पीड़ित था। बंदी रक्षकों ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। यहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। बंदी रक्षकों ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी को दी। अधीक्षक ने मोबाइल पर नरायन के परिजनों को सूचना दी। अधीक्षक ने बताया कि नरायन प्रसाद को 25 जनवरी 2016 को आजीवन सजा हुई थी। सजा के बाद उसे 28 फरवरी को सेंट्रल जेल में लाया गया था। तबियत खराब होने पर 29 जुलाई को उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का एक सदस्य अभी जेल में सजा काट रहा है।
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