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लॉकडाउन: 400 किमी पैदल चले तब मिली साइकिल, 15 दिन में पूणे से चित्रकूट पहुंचे मजदूर तो नम हुई आंखें
Tue, 28 Apr 2020 08:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Apr 2020 08:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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चित्रकूट पुलिस ने पूणे से साइकिल से चित्रकूट पहुंचे तीन मजदूरों को रोककर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है । महाराष्ट्र के पुणे शहर में काम करने वाले तीन मजदूर सोमवार को साइकिल से मप्र की सीमा से जंगल के रास्ते से जिले में आए।
जिनको यूपी क्षेत्र के सीमा के पास पुलिस ने रोक लिया। सभी मजदूर 15 दिन पहले पुणे शहर से चले थे। जिले के राजापुर क्षेत्र के मोहरवा गांव के बाल करन पुत्र राममिलन, रामकेश वर्मा पुत्र खिलाड़ी व संतोष ने बताया कि वह लोग पुणे में टाइल्स लगाने का काम करते थे।
काम बंद होने के बाद खाने पीने की सही व्यवस्था न होने से वह लोग पुणे से खाय गांव तक पैदल आए। इसके बाद वहां पर प्रफुल्ल सेठ ने साइकिल दिया। जिसके माध्यम से वह लोग मध्यप्रदेश के रास्ते होते हुए चित्रकूट पहुंचे। वहां से अपने गांव के लिए जा रहे थे।
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उनका स्वास्थ्य परीक्षण छिंदवाड़ा गांव में किया गया। 400 किमी तक साइकिल से यात्रा किया है। जिले की सीमा पर जब इन्हेें पुलिसकर्मियों ने रोककर पूरी जानकारी ली तो आश्चर्य में पड़ गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर उन्हें उनके साथ भेज दिया गया है।
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जिनको यूपी क्षेत्र के सीमा के पास पुलिस ने रोक लिया। सभी मजदूर 15 दिन पहले पुणे शहर से चले थे। जिले के राजापुर क्षेत्र के मोहरवा गांव के बाल करन पुत्र राममिलन, रामकेश वर्मा पुत्र खिलाड़ी व संतोष ने बताया कि वह लोग पुणे में टाइल्स लगाने का काम करते थे।
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काम बंद होने के बाद खाने पीने की सही व्यवस्था न होने से वह लोग पुणे से खाय गांव तक पैदल आए। इसके बाद वहां पर प्रफुल्ल सेठ ने साइकिल दिया। जिसके माध्यम से वह लोग मध्यप्रदेश के रास्ते होते हुए चित्रकूट पहुंचे। वहां से अपने गांव के लिए जा रहे थे।
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उनका स्वास्थ्य परीक्षण छिंदवाड़ा गांव में किया गया। 400 किमी तक साइकिल से यात्रा किया है। जिले की सीमा पर जब इन्हेें पुलिसकर्मियों ने रोककर पूरी जानकारी ली तो आश्चर्य में पड़ गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर उन्हें उनके साथ भेज दिया गया है।