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लॉकडाउन: रोजगार छिना तो युवक ने की खुदकुशी, नोएडा में रहकर करता था मजदूरी, कर्ज ले लौटा था गांव
Thu, 21 May 2020 08:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 21 May 2020 08:01 PM IST
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फांसी का फंदा
- फोटो : फांसी का फंदा
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लॉकडाउन में काम छिनने से टूटे नौजवान युवक से जिंदगी की गाड़ी नहीं खिंची तो मौत को ‘हमसफर’ बना लिया। नोएडा में चल रही रोजी रोटी अचानक बंद हुई तो श्रमिक नरेंद्र राजपूत (28) कर्ज लेकर महोबा के मसूदपूरा गांव लौट आया।
गांव में एक माह तक मजदूरी नहीं मिली तो नरेंद्र ने बुधवार रात फंदे से लटक आत्महत्या कर ली। गांव निवासी भगीरथ राजपूत का बेटा नरेंद्र कई सालों से नोएडा में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन के चलते उसे काम मिलना बंद हो गया।
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गांव में एक माह तक मजदूरी नहीं मिली तो नरेंद्र ने बुधवार रात फंदे से लटक आत्महत्या कर ली। गांव निवासी भगीरथ राजपूत का बेटा नरेंद्र कई सालों से नोएडा में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन के चलते उसे काम मिलना बंद हो गया।
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एक माह तक लॉकडाउन खुलने की उम्मीद में वह नोएडा में परिवार को पालता रहा। लॉकडाउन की मियाद बढ़ती चली गई। इस पर वह 26 अप्रैल को एक व्यक्ति से कर्ज लेकर किसी तरह गांव आ गया। गांव में तीन बीघा जमीन है लेकिन इससे वह पत्नी व दो बच्चों का खर्चा नहीं चला पा रहा था।
परिवार को भरपेट खाना न खिलाने की कसक उसको हमेशा परेशान करती रही। गांव में काम खूब तलाशा लेकिन बात नहीं बनी। बाहर जाने का न ही साधन था न ही हिम्मत थी। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात नरेंद्र कमरे में लेटा था। बच्चों और पत्नी के सो जाने पर उसने रात में दूसरे कमरे में जाकर तौलिया से फांसी लगा ली।
सुबह पत्नी अंगूरी की नींद खुली तो वह मंजर देख चीख पड़ी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। अंगूरी ने बताया कि नोएडा से लौटने पर गांव में काम न मिलने से वह दो माह से बहुत परेशान थे। काफी तनाव में रहते थे। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
परिवार को भरपेट खाना न खिलाने की कसक उसको हमेशा परेशान करती रही। गांव में काम खूब तलाशा लेकिन बात नहीं बनी। बाहर जाने का न ही साधन था न ही हिम्मत थी। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात नरेंद्र कमरे में लेटा था। बच्चों और पत्नी के सो जाने पर उसने रात में दूसरे कमरे में जाकर तौलिया से फांसी लगा ली।
सुबह पत्नी अंगूरी की नींद खुली तो वह मंजर देख चीख पड़ी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। अंगूरी ने बताया कि नोएडा से लौटने पर गांव में काम न मिलने से वह दो माह से बहुत परेशान थे। काफी तनाव में रहते थे। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।