अवैध वसूली: डॉक्टर-संचालक का मेल…अल्ट्रासाउंड में कमीशन का खेल, प्रसूताओं और मरीजों को भेजा जाता है निजी सेंटर
Banda News: आमतौर पर प्राइवेट सेंटरों में अल्ट्रासाउंड करने के नाम पर 700 रुपये वसूले जाते हैं। जो चिकित्सक अल्ट्रासाउंड के लिए निजी सेंटरों में मरीजों को भेजते हैं। उन्हीं चिकित्सक के नाम पर कमीशन की रकम लिख दी जाती है। मालूम हो कि 700 रुपये में कम से कम 350 रुपये चिकित्सक का कमीशन होता है।
विस्तार
बांदा जिले में चिकित्सक और निजी सेंटर संचालकों की गठजोड़ से अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को खुलेआम लूटने का काम किया जा रहा है। इस बात की भनक अस्पताल के जिम्मेदारों को भी है, लेकिन कोई भी इस गोरखधंधे की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। आलम यह है कि महिला अस्पताल से चिकित्सक मरीज के साथ महिला कर्मी को साथ भेजकर निजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड करवाते हैं।
इसके एवज में संबंधित चिकित्सक को निजी सेंटर संचालक से कमीशन के तौर पर मोटी रकम दी जाती है। जिला महिला अस्पताल में यह गोरखधंधा काफी समय से चल रहा है। इससे वहां तैनात चिकित्सक अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। वहां पहुंचने वाली प्रसूताओं को बरगलाकर अपने एक नुमाइंदे के साथ प्राइवेट सेंटरों में भेजा जाता है।
मालूम हो कि जिला पुरुष अस्पताल में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। अगर वहां से प्रसूता अल्ट्रासाउंड कराने के बाद रिपोर्ट लेकर महिला अस्पताल के चिकित्सक के पास जाती है, तो रिपोर्ट सही न होने या फिर अन्य कारण बताकर उन्हें निजी सेंटर में जाकर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर किया जाता है।
अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 700 रुपये की वसूली की गई
प्रतिदिन तकरीबन 50 अल्ट्रासाउंड निजी सेंटरों से कराए जाते हैं। पैलानी क्षेत्र के खप्टिहाकलां गांव निवासी उमा दीक्षित ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला महिला अस्पताल गई थीं। वहां से उन्हें अस्पताल की ही एक महिला के साथ चिकित्सक ने निजी सेंटर भेजा, वहां पर अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 700 रुपये की वसूली की गई।
डॉक्टर का 50 प्रतिशत कमीशन
आमतौर पर प्राइवेट सेंटरों में अल्ट्रासाउंड करने के नाम पर 700 रुपये वसूले जाते हैं। जो चिकित्सक अल्ट्रासाउंड के लिए निजी सेंटरों में मरीजों को भेजते हैं। उन्हीं चिकित्सक के नाम पर कमीशन की रकम लिख दी जाती है। मालूम हो कि 700 रुपये में कम से कम 350 रुपये चिकित्सक का कमीशन होता है।
प्रधानमंत्री मातृत्व दिवस के तहत महीने में चार दिन 1, 9, 16 और 24 तारीख को प्रसूताओं को निजी सेंटरों में अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है। यह निशुल्क सेवा है। इसके अलावा किसी भी मरीज को निजी सेंटर नहीं भेजा जाता है। इन चार तारीखों के अलावा पहुंचने वाली प्रसूताओं या मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पुरुष अस्पताल में भेजा जाता है। निजी सेंटरों में किसी भी प्रसूता को भेजने के लिए दबाव भी नहीं बनाया जाता। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. संगीता सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में 20 जून से हो सकेंगे अल्ट्रासाउंड
सीएमएस ने बताया कि चिकित्सक न होने की वजह से महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे थे। अभी हाल ही में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने निजी चिकित्सकों के साथ बैठक कर रोस्टर बनाया है। रोस्टर के मुताबिक 13 जून से पुरुष अस्पताल में और 20 जून से महिला अस्पताल में निजी चिकित्सक सेवाएं देंगे। इससे प्रसूताओं और मरीजों के अल्ट्रासाउंड सुचारु रूप से हो सकेंगे।