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Kanpur News: अखिलेश के करीबियों की संपत्ति जानने के लिए एलआईयू जुटी
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माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। कमिश्नरी पुलिस ने अखिलेश दुबे के करीबियों की संपत्ति की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी की जांच के साथ ही एलआईयू और क्राइम ब्रांच के तेज तर्रार पुलिसकर्मियों को भी लगा दिया है। यह अखिलेश के करीबियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के साथ ही पुराने मामलों को भी देख रहे हैं। कुछ नई शिकायतें भी आ गई हैं जिनके वादियों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज एफआईआर में उसके करीबी और कानून के जानकार केस क्वैशड (केस समाप्त करने) के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देने की तैयारी में हैं। इसके जवाब में कानूनी जानकारों का सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है कि अखिलेश के कई करीबी दूसरे जिलों में तैनात पुलिसकर्मी, राजस्व कर्मी और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी हैं। यह विवादित जमीनों, संपत्तियों और विवादित प्लॉटों पर नजर रखते थे। इसकी सूचना अखिलेश दुबे और उसके साथियों को दी जाती थी। फिर जोड़तोड़ कर संपत्ति को सस्ते दाम पर खरीदने का खेल होता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों गिरफ्तार हुए टोनू यादव ने भी संपत्तियों और प्लॉट से संबंधित जानकारी दी है। उसने बताया कि दूसरे जिलों के कई जरूरतमंद सरकारी कर्मचारियों की मदद भी की गई है। अखिलेश दुबे के कहने पर उसका कार्य हो जाता था। कई कर्मचारियों का आर्थिक सहयोग भी किया गया है, जिससे वह सदस्यों को काफी मानते हैं। एलआईयू और इंटेलीजेंस के स्टाफ संपत्तियों का ब्योरा जुटा रहे हैं।
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कानपुर। कमिश्नरी पुलिस ने अखिलेश दुबे के करीबियों की संपत्ति की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी की जांच के साथ ही एलआईयू और क्राइम ब्रांच के तेज तर्रार पुलिसकर्मियों को भी लगा दिया है। यह अखिलेश के करीबियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के साथ ही पुराने मामलों को भी देख रहे हैं। कुछ नई शिकायतें भी आ गई हैं जिनके वादियों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज एफआईआर में उसके करीबी और कानून के जानकार केस क्वैशड (केस समाप्त करने) के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देने की तैयारी में हैं। इसके जवाब में कानूनी जानकारों का सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है कि अखिलेश के कई करीबी दूसरे जिलों में तैनात पुलिसकर्मी, राजस्व कर्मी और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी हैं। यह विवादित जमीनों, संपत्तियों और विवादित प्लॉटों पर नजर रखते थे। इसकी सूचना अखिलेश दुबे और उसके साथियों को दी जाती थी। फिर जोड़तोड़ कर संपत्ति को सस्ते दाम पर खरीदने का खेल होता था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों गिरफ्तार हुए टोनू यादव ने भी संपत्तियों और प्लॉट से संबंधित जानकारी दी है। उसने बताया कि दूसरे जिलों के कई जरूरतमंद सरकारी कर्मचारियों की मदद भी की गई है। अखिलेश दुबे के कहने पर उसका कार्य हो जाता था। कई कर्मचारियों का आर्थिक सहयोग भी किया गया है, जिससे वह सदस्यों को काफी मानते हैं। एलआईयू और इंटेलीजेंस के स्टाफ संपत्तियों का ब्योरा जुटा रहे हैं।
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