{"_id":"68d84a6809b7b83d8e0d2cc4","slug":"list-five-poorly-performing-food-safety-officers-kanpur-news-c-12-1-knp1052-1280194-2025-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: खराब प्रदर्शन करने वाले पांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सूची बनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: खराब प्रदर्शन करने वाले पांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सूची बनाएं
विज्ञापन
कानपुर। खाद्य सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। बैठक में 20 से अधिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) से पिछले एक साल की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी तो कोई दिखा नहीं पाए। डीएम ने कहा कि 25 एफएसओ तैनात हैं लेकिन काम बिल्कुल खराब है। उन्होंने निर्देश दिए कि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच एफएसओ की सूची बनाएं। उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर एडीएम सिटी को भेजें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि समोसे एक ही तेल में बार-बार तले जा रहे हैं। चाइनीज फूड में अजीनोमोटो का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। फलों को पकाने में खतरनाक केमिकल डाले जा रहे हैं। इसके बाद भी आप लोगों को कुछ दिख नहीं रहा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्रवाई दिखावे की नहीं बल्कि ठोस होनी चाहिए। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक 1075 नमूने लिए गए। 230 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। न्यायालय ने मिलावटखोर कारोबारियों पर 1.02 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया लेकिन अब तक सिर्फ 13.52 लाख की ही वसूली हो सकी। इसी तरह 152 मामलों में 72.90 लाख रुपये की आरसी जारी हुई लेकिन वसूली मात्र 2.25 लाख रुपये हुई। डीएम ने निर्देश दिया कि हर हाल में वसूली पूरी हो और दोषियों का कारोबार बंद कराया जाए।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने कहा कि समोसे एक ही तेल में बार-बार तले जा रहे हैं। चाइनीज फूड में अजीनोमोटो का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। फलों को पकाने में खतरनाक केमिकल डाले जा रहे हैं। इसके बाद भी आप लोगों को कुछ दिख नहीं रहा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्रवाई दिखावे की नहीं बल्कि ठोस होनी चाहिए। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक 1075 नमूने लिए गए। 230 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। न्यायालय ने मिलावटखोर कारोबारियों पर 1.02 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया लेकिन अब तक सिर्फ 13.52 लाख की ही वसूली हो सकी। इसी तरह 152 मामलों में 72.90 लाख रुपये की आरसी जारी हुई लेकिन वसूली मात्र 2.25 लाख रुपये हुई। डीएम ने निर्देश दिया कि हर हाल में वसूली पूरी हो और दोषियों का कारोबार बंद कराया जाए।
विज्ञापन