फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   light bullet proof jacket made in kanpur

कानपुर में बनी सबसे हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट

Tue, 19 Feb 2013 01:55 PM IST
कानपुर/ब्यूरो
कानपुर/ब्यूरो Updated Tue, 19 Feb 2013 01:55 PM IST
विज्ञापन
light bullet proof jacket made in kanpur

युद्ध या उपद्रव के दौरान आर्मी के जवानों और सुरक्षा बलों को भारी बुलेट प्रूफ जैकेट के बोझ से मुक्ति मिल सकती है। शहर की एक निजी फर्म ने मात्र एक किलो की खास प्लेट तैयार की है, जिसे बुलेट प्रूफ जैकेट में लगाने पर एके-47 तक के हमले से सुरक्षित रखेगी।

विज्ञापन


कंपनी का दावा है कि पहली बार इतनी हल्की प्लेट का निर्माण किया गया है। यह जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। युद्ध के दौरान विभिन्न प्रकार के हथियारों से सुरक्षा प्रदान करने संबंधी उत्पादों को निर्यात करने वाली एमकेयू इंडिया ने यह खास प्लेट तैयार की है।
विज्ञापन


फर्म के बिजनेस हेड (पर्सनल प्रोटेक्शन) मनीष खंडेलवाल के मुताबिक इस प्लेट को जैकेट में आवश्यकतानुसार लगाया और निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस स्तर की सुरक्षा प्रदान करने वाली प्लेट दो से ढाई किलो तक की उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्व में तमाम कंपनियां हल्की प्लेट तैयार करने की दिशा में रिसर्च कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक किलो वजन की इस खास प्लेट को तैयार करने वाली उनकी पहली कंपनी है। इस प्लेट की क्षमताओं को परखने के लिए टेस्टिंग लैब में एके-47 से पांच फायर किए गए जिन्हें रोकने में प्लेट सफल रही।

11 हजार होगी कीमत
सेना के जवानों और सुरक्षाबलों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेटों का वजन बड़ी समस्या होती है। इस प्लेट से युक्त बुलेट प्रूफ जैकेट उन्हें इस झंझट से मुक्ति दिलाएंगे। लंबी रिसर्च के बाद इसे तैयार करने में सफलता प्राप्त हुई है। खंडेलवाल के मुताबिक यह प्लेट जर्मनी की प्रमुख बैलेस्टिक प्रयोगशाला ‘मेल रिच एसटीएडीटी’ की जांच के बाद तैयार की गई है। इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 11 हजार रुपये के आसपास होगी। अभी तक फरीदाबाद की ‘स्टारवायर’ और ‘इंडियन आर्मर’ कंपनियां पौने दो किलो तक की प्लेटें बना चुकी हैं।


इस कारण नहीं धंसती गोली
बुलेट प्रूफ जैकेट की शीट की क्वालिटी चेक करने वाली कंपनी डीआरडीओ के पूर्व तकनीकी अधिकारी अशोक अबरोल ने बताया कि जिस शीट में ऊर्जा के चारों ओर फैलाव की शक्ति जितनी ज्यादा होगी वह शीट उतनी ही अच्छी मानी जाती है। जिस शीट में गोली का इंपैक्ट एक ही जगह नहीं होता, पूरी शीट पर फैल जाता है, उस शीट को ज्यादा कारगर माना जाता है।

भारतीय सेना के पास ऐसी बुलेट प्रूफ जैकेट हैं जिन्हें एके-47 की गोलियां नहीं भेद पाएंगी।
- पवित्तर सिंह, सेना की पश्चिमी कमान के प्रवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed